जमीन घोटाला: 444 करोड़ की जमीन मात्र 44 करोड़ में बेची, RDA पर उठे गंभीर सवाल…NV News
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NV News Raipur- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा बोरिया तालाब से लगी 34 एकड़ बेशकीमती जमीन की बिक्री एक बड़े राजनीतिक और आर्थिक विवाद का कारण बन गई है। आरोप है कि इस जमीन का बाजार मूल्य लगभग 444 करोड़ रुपये था, लेकिन इसे एक निजी कंपनी, सीजी कृपा प्राइवेट लिमिटेड, को महज 44 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। इस मामले के सामने आने के बाद सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये के नुकसान की बात कही जा रही है।
यह मुद्दा हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी जोर-शोर से गूंजा, जहां विपक्षी दलों ने सरकार और RDA की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। सदन में चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि प्राइम लोकेशन पर स्थित इस जमीन को इतनी कम कीमत पर बेचने के पीछे नियमों की अनदेखी की गई है। विधायक दल ने इस पूरे सौदे की उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इस मामले में RDA की भूमिका संदेह के घेरे में है। जानकारों का कहना है कि व्यावसायिक और आवासीय उपयोग के लिए उपयुक्त इस जमीन की नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था। 400 करोड़ रुपये से अधिक का अंतर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस “कौड़ियों के दाम” पर जमीन बेचने के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई है।
वर्तमान में, शासन की ओर से इस मामले पर स्पष्टीकरण का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे ‘भूमि घोटाला’ करार दिया जा चुका है। यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच होती है, तो कई बड़े नामों और अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। फिलहाल, बोरिया तालाब के पास की यह जमीन रायपुर की राजनीति में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

