महिला आयोग का कड़ा रुख: प्रताड़ना के मामले में दो सरकारी कर्मचारियों की सेवा होगी समाप्त, एक पर FIR के निर्देश…NV News

Share this

NV News- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज रायपुर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न के मामलों पर ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। आयोग के रायपुर कार्यालय में आयोजित इस 186वीं जनसुनवाई में कुल पांच महत्वपूर्ण प्रकरणों पर विचार किया गया। सुनवाई के दौरान दो ऐसे मामले सामने आए जहाँ शासकीय पदों पर पदस्थ पतियों द्वारा अपनी पत्नियों को गंभीर रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को दोषी कर्मचारियों की सेवा समाप्ति (Termination) के लिए नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए आयोग ने स्पष्ट किया कि शासकीय सेवा में रहते हुए महिलाओं का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक अन्य प्रकरण में, जहाँ अनावेदकों द्वारा महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के पुख्ता प्रमाण मिले, वहां आयोग ने पुलिस को तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि आयोग का लक्ष्य महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और समाज में यह संदेश देना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह सरकारी कर्मचारी ही क्यों न हो।

रायपुर जिले की इस जनसुनवाई में कई पुराने और जटिल मामलों का भी निराकरण किया गया, जिनमें से कुछ प्रकरणों को दोनों पक्षों की सहमति और समाधान के बाद नस्तीबद्ध (Close) कर दिया गया। प्रदेश स्तर पर यह आयोग की 397वीं जनसुनवाई थी, जिसमें महिलाओं ने निडर होकर अपनी समस्याएं रखीं। आयोग की इस त्वरित और कठोर कार्रवाई से पीड़ित महिलाओं में न्याय की उम्मीद जगी है और शासकीय विभागों में हड़कंप मच गया है।

Share this

You may have missed