‘हीट स्मार्ट सिटी’ बनाने की कवायद: नगर निगम और CEED की राउंडटेबल चर्चा में उभरा शहरी श्रमिकों का दर्द, रात के बढ़ते तापमान पर चिंता…NV News

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NV News- रायपुर, 7 मई 2026: राजधानी रायपुर में बढ़ते ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव और उससे प्रभावित होने वाले सफाई कर्मियों, निर्माण श्रमिकों व फुटपाथ विक्रेताओं की सुरक्षा के लिए रायपुर नगर निगम और सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (CEED) ने एक महत्वपूर्ण राउंडटेबल चर्चा आयोजित की। अमिटी यूनिवर्सिटी के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर मीनल चौबे ने की। चर्चा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि रायपुर में न केवल दिन, बल्कि रात का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रह रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

महापौर मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर को केवल इंफ्रास्ट्रक्चर में ही नहीं, बल्कि जलवायु के प्रति संवेदनशीलता में भी ‘स्मार्ट सिटी’ बनाना होगा। अमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पीयूष कांत पाण्डेय ने चेताया कि अनियंत्रित शहरीकरण के कारण पिछले 15 वर्षों में तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि देखी गई है। उन्होंने ‘वेट-बल्ब टेम्परेचर’ और उच्च आर्द्रता के खतरों पर भी प्रकाश डाला। चर्चा में शामिल विशेषज्ञों ने रायपुर के पारंपरिक जलाशयों के संरक्षण को माइक्रोक्लाइमेट सुधारने का सबसे प्रभावी जरिया बताया।

कार्यक्रम में CEED और अमिटी यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के निष्कर्ष भी साझा किए गए, जिसमें अत्यधिक गर्मी के कारण श्रमिकों की आय में कमी, निर्जलीकरण और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों का खुलासा हुआ। डॉ. स्मृति देवांगन ने हीट स्ट्रेस प्रबंधन और अर्ली वार्निंग सिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया। राउंडटेबल में क्रेडाई, चैंबर ऑफ कॉमर्स, श्रम विभाग और विभिन्न औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और रायपुर के लिए एक समावेशी ‘हीट एक्शन प्लान’ तैयार करने पर सहमति जताई।

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