छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन तिहार’ का आगाज: अब दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति; सीधे आपके द्वार पहुँच रही साय सरकार…NV News
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रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए एक महत्वाकांक्षी अभियान ‘सुशासन तिहार 2026’ की शुरुआत की है। 1 मई (मजदूर दिवस) से शुरू होकर 10 जून तक चलने वाले इस 40 दिवसीय अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों के दरवाजे तक पहुँचाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए सरकारी दफ्तरों की खाक नहीं छाननी होगी, बल्कि पूरा प्रशासनिक अमला खुद जनता के बीच जाकर मौके पर ही फाइलों का निपटारा करेगा।
इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के क्लस्टर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड-वार विशाल जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 30 अप्रैल तक के सभी लंबित मामलों, विशेषकर राजस्व (नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन), मनरेगा मजदूरी भुगतान, और उज्ज्वला योजना जैसे प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ हल किया जाए। खास बात यह है कि इस बार ‘अनिवार्य सूचना’ का नियम लागू किया गया है, जिसके तहत अधिकारियों को एक महीने के भीतर आवेदक को काम की प्रगति या समाधान की जानकारी देनी होगी।
प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं जिलों का औचक निरीक्षण (Surprise Visit) करेंगे। साथ ही, मंत्री, सांसद और विधायक भी इन शिविरों में मौजूद रहकर जनता से सीधा संवाद करेंगे। राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं इन शिविरों में ‘ऑन द स्पॉट’ प्रदान की जा रही हैं। साय सरकार का यह ‘सुशासन मॉडल’ न केवल प्रशासनिक जवाबदेही तय कर रहा है, बल्कि आम आदमी के मन में सरकारी व्यवस्था के प्रति विश्वास को भी नया आधार दे रहा है।
