विदेशी फंडिंग और मतांतरण पर सरकार सख्त: 153 एनजीओ जांच के दायरे में, गृह मंत्री ने दिए कार्रवाई के संकेत…NV News

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NV News- छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग के माध्यम से हो रहे कथित मतांतरण (Religious Conversion) का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उन 153 संस्थाओं और एनजीओ (NGOs) के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ा दिया है जिन्हें विदेशों से भारी धनराशि प्राप्त हो रही है। गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर विदेशी फंड प्राप्त करने वाली संस्थाओं की गतिविधियों पर सरकार की पैनी नजर है। विधानसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है, जहाँ सरकार ने किसी भी प्रकार के अवैध मतांतरण और विदेशी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

हाल के घटनाक्रमों में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी बस्तर और धमतरी जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विदेशी फंडिंग के अवैध उपयोग की जांच शुरू की है। जांच में सामने आया है कि अमेरिकी एजेंसियों से आए करोड़ों रुपये का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों में किया गया है। सरकार अब इन संस्थाओं के ऑडिट और फंडिंग के स्रोतों की गहन जांच कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी दोहराया है कि आदिवासियों और कमजोर वर्गों को प्रलोभन देकर मतांतरण कराने वालों पर नकेल कसी जाएगी। इस दिशा में सरकार ने नया धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया है, जिसमें सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह जांच केवल वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पीछे काम करने वाले नेटवर्क को भी ध्वस्त किया जाएगा। प्रशासन अब उन इलाकों पर विशेष ध्यान दे रहा है जहाँ डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) में बदलाव की शिकायतें मिली हैं। गृह विभाग उन सभी शिकायतों का बारीकी से परीक्षण कर रहा है जिनमें एनजीओ द्वारा प्रार्थना सभाओं (चंगाई सभाओं) की आड़ में मतांतरण के आरोप लगे हैं। आने वाले समय में इन संस्थाओं की वैधता और विदेशी चंदे के दुरुपयोग को लेकर बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे राज्य में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में सरकार की दृढ़ता दिखाई दे रही है।

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