राघव चड्ढा का आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका: भाजपा में हुए शामिल, केजरीवाल और पंजाब नेतृत्व के लिए बना बड़ी राजनीतिक चुनौती…NV News

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NV News- भारतीय राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी को अलविदा कह दिया। चड्ढा ने अपने साथ 6 अन्य राज्यसभा सांसदों के दल-बल के साथ भाजपा में शामिल होने की घोषणा की। इस कदम को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक और गहरा झटका माना जा रहा है। राघव चड्ढा ने पार्टी पर अपने मूल सिद्धांतों से भटकने और आंतरिक भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अब अपनी आगे की राजनीति भाजपा के साथ जारी रखेंगे।

इस घटनाक्रम पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह घटना आम आदमी पार्टी के लिए स्तब्ध करने वाली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के इतने बड़े चेहरे और ‘स्ट्रैटेजिस्ट’ का अचानक इस्तीफा देना केजरीवाल की रणनीति पर बड़े सवाल खड़े करता है। चड्ढा के इस्तीफे के बाद पार्टी के अंदर मची खलबली को शांत करना अब केजरीवाल और मान के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 15 वर्षों तक आप के लिए अपना खून-पसीना दिया, लेकिन अब यह पार्टी अपने उन मूल्यों को खो चुकी है जिनके लिए जनता ने उन्हें जनादेश दिया था। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सांसद भाजपा के साथ जुड़ने को तैयार हैं, जिससे दलबदल कानून का संकट भी उनके सामने नहीं आएगा। इस राजनीतिक उलटफेर ने न केवल दिल्ली बल्कि पंजाब की राजनीति में भी भारी हलचल मचा दी है, जहां पार्टी की जड़ें सबसे मजबूत मानी जाती थीं।

राघव चड्ढा के इस फैसले से ‘आप’ के भविष्य पर संकट के बादल छा गए हैं। अब देखना यह है कि अरविंद केजरीवाल और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस बड़ी बगावत को कैसे संभालता है और क्या वे अपने नाराज नेताओं को मना पाएंगे या यह बिखराव और बड़ा रूप लेगा। चड्ढा का यह कदम आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में समीकरणों को पूरी तरह से बदलने वाला साबित हो सकता है। फिलहाल, पूरी दिल्ली और पंजाब की राजनीति इसी पर केंद्रित है कि ‘आप’ इस बड़े झटके से कैसे उबरती है।

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