Anti-Maoist Operation: जंगलों में नक्सलियों का ‘विस्फोटक डंप’ ध्वस्त; भारी मात्रा में बारूद और अन्य सामग्री बरामद…NV News
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए माओवादियों के एक गुप्त ठिकाने से विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद किया है। जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत अन्नापुर के घने जंगलों में सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान इस डंप को खोज निकाला।
कैसे पकड़े गए विस्फोटक?
अन्नापुर के जंगलों में पिल्लूर–अन्नारम के पास सुरक्षा बल की जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और बम निरोधक दस्ता (BDS) की संयुक्त टीम एरिया डोमिनेशन और डी-माइनिंग एक्सरसाइज कर रही थी। इसी दौरान टीम को जमीन के नीचे दबाकर रखी गई एक सफेद प्लास्टिक की पानी की टंकी मिली। जब इसे खोलकर देखा गया, तो उसमें भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई थी। यह माओवादियों द्वारा आईईडी (IED) बनाने के लिए अपनाई जाने वाली एक पुरानी तरकीब है।
क्या-क्या मिला बरामदगी में?
सुरक्षा बलों ने मौके से जो विस्फोटक सामग्री बरामद की, वह खतरनाक हमलों के लिए उपयोग की जाती है:
सल्फर: 50 किलोग्राम।
यूरिया: लगभग 100 किलोग्राम (दो बोरियों में पैक)।
बारूद (Gunpowder): 10 किलोग्राम।
ये पदार्थ मुख्य रूप से आईईडी (IED) बनाने, बारूदी सुरंग बिछाने और सुरक्षा बलों या आम नागरिकों पर घात लगाकर हमला करने में इस्तेमाल किए जाते हैं। सुरक्षा बलों ने मौके पर ही सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस पूरे विस्फोटक जखीरे को नष्ट कर दिया ताकि इसका कोई गलत इस्तेमाल न हो सके।
ऑपरेशन का महत्व
बीजापुर का इलाका लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है। इस डंप की बरामदगी नक्सलियों की रसद क्षमता (logistical capabilities) पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है। सुरक्षा बल बस्तर संभाग में क्षेत्र को सुरक्षित करने और शांति बहाल करने के लिए लगातार गहन तलाशी और डोमिनेशन अभियान चला रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में किसी भी संदिग्ध वस्तु को न छुएं और तुरंत सुरक्षा बलों को सूचित करें।
