वन तस्करों के मंसूबों पर फिरा पानी: वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई, अवैध लकड़ी से लदा ट्रैक्टर-ट्रॉली जप्त…NV News

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छत्तीसगढ़ के जंगलों में बेशकीमती लकड़ियों की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ वन विकास निगम ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। निगम की टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी करते हुए अवैध रूप से ले जाई जा रही लकड़ियों से भरे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जप्त किया है। वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल के रास्ते इमारती लकड़ियों की चोरी कर रहे हैं, जिसके बाद उड़न दस्ता टीम ने दबिश देकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

कार्रवाई के दौरान वन कर्मियों ने पाया कि ट्रैक्टर की ट्रॉली में अवैध रूप से कटी हुई लकड़ियां ठूंस-ठूंस कर भरी गई थीं, जिन पर न तो कोई आधिकारिक मोहर थी और न ही परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज। टीम को देखते ही तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन वन कर्मियों की मुस्तैदी के चलते वाहन को पकड़ लिया गया। जप्त की गई लकड़ी की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। वन विकास निगम के अधिकारियों ने वाहन और लकड़ियों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि तस्कर स्थानीय डिपो या निजी आरा मिलों में इन लकड़ियों को खपाने की योजना बना रहे थे। वन विकास निगम ने इस मामले में भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारी अब उन मुख्य सरगनाओं की तलाश कर रहे हैं जो पर्दे के पीछे से इस तस्करी रैकेट का संचालन करते हैं। क्षेत्र के संवेदनशील रास्तों पर गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध वाहनों की कड़ी चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में वन संपदा की रक्षा के लिए साय सरकार और वन विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। वन विकास निगम के प्रबंध संचालक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि जंगलों की अवैध कटाई और तस्करी रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों और स्थानीय सूचना तंत्र का सहारा लिया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के वन तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति अवैध कटाई में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

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