CEC की DGP को सख्त फटकार: चुनाव आयोग ने कहा- ‘जिला मजिस्ट्रेट हों या पुलिस आयुक्त, कोताही बर्दाश्त नहीं’…NV News
Share this
आगामी चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ने राज्य के कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस महानिदेशक (DGP) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक ढिलाई या पक्षपात स्वीकार्य नहीं होगा। बैठक में मौजूद अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि वे अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें, अन्यथा उन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
“आप मजिस्ट्रेट हों या कमिश्नर, रियायत नहीं मिलेगी”
समीक्षा बैठक के दौरान एक समय ऐसा आया जब CEC ने सीधे तौर पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “आप चाहे जिला मजिस्ट्रेट (DM) हों या पुलिस आयुक्त, यह याद रखें कि चुनाव के दौरान आप केवल चुनाव आयोग के प्रतिनिधि हैं। किसी भी पद का रसूख या पुरानी कार्यशैली का बहाना नहीं चलेगा।” आयोग ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान देने को कहा जहाँ पिछले चुनावों में हिंसा या गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं।
DGP को कानून-व्यवस्था सुधारने के निर्देश
DGP को संबोधित करते हुए आयोग ने कहा कि राज्य में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अवैध शराब, नकदी के प्रवाह और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने में यदि कोई विफलता पाई जाती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर शीर्ष अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और पुलिस बल की तैनाती में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।
निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जोर
CEC ने अधिकारियों को नसीहत दी कि वे किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना अपना काम करें। आयोग ने साफ किया कि चुनाव ड्यूटी में तैनात हर अधिकारी की निगरानी की जा रही है। बैठक के अंत में यह संदेश स्पष्ट था कि लोकतंत्र के इस महापर्व में किसी भी स्तर पर “जी-हजूरी” या “लापरवाही” के लिए कोई जगह नहीं है। इस फटकार के बाद प्रशासन में खलबली मच गई है और अधिकारियों ने अपनी कार्ययोजना को नए सिरे से तैयार करना शुरू कर दिया है।
