ईरान-US युद्ध की आहट: क्या भारत के पास है ‘बैकअप’? सरकार ने दिया तेल भंडार पर बड़ा अपडेट…NV News

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नई दिल्ली: मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान और अमेरिका के बीच गहराते संघर्ष ने दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता पैदा कर दी है। ऐसे समय में भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार के अनुसार, भारत के पास अपनी तात्कालिक और आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने के लिए कच्चे तेल (Crude Oil) और पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

भारत का ‘सुरक्षा कवच’: स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR)

सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भारत की रणनीति केवल मौजूदा आयात पर निर्भर नहीं है, बल्कि हमारे पास मजबूत बैकअप है:

आपातकालीन भंडार: भारत ने विशाखापत्तनम, मंगलौर और पादुर (कर्नाटक) में विशाल भूमिगत चट्टानी गुफाओं में ‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ बनाया है। यहाँ लाखों टन कच्चा तेल सुरक्षित रखा गया है जो युद्ध जैसी स्थिति में देश की जीवन रेखा बनेगा।

65-70 दिनों का बैकअप: भारत के पास मौजूद कुल भंडार (रिफाइनरी स्टॉक और SPR को मिलाकर) लगभग 65 से 70 दिनों की घरेलू खपत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

आपूर्ति विविधीकरण (Diversification): भारत अब केवल खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है। रूस, इराक और अमेरिका जैसे देशों से भी तेल का आयात बढ़ाकर जोखिम को कम किया गया है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या होगा असर?

हालांकि सरकार के पास भंडार पर्याप्त है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है। सरकार स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है ताकि आम जनता पर महंगाई का बोझ कम से कम पड़े।

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