अंबिकापुर कोर्ट का बड़ा फैसला: नशीली दवाओं का काला कारोबार करने वाली महिला समेत दो को 15-15 साल की जेल, भारी जुर्माना भी लगा…NV News
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अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ न्यायालय ने एक कड़ा संदेश दिया है। अंबिकापुर की विशेष अदालत ने नशीली दवाइयों की तस्करी और बिक्री के मामले में संलिप्त एक महिला और उसके साथी को दोषी करार देते हुए 15-15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। लंबे समय से चल रहे इस मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने इसे समाज के प्रति गंभीर अपराध माना और दोषियों को कड़ी सजा से दंडित किया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने कुछ समय पूर्व गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर उक्त महिला और उसके सहयोगी के पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाइयां और इंजेक्शन बरामद किए थे। ये आरोपी शहर के युवाओं को नशे के जाल में धकेलने का काम कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस इस मामले में पुख्ता चार्जशीट तैयार करने में जुटी थी। कारावास के साथ-साथ माननीय न्यायालय ने दोनों दोषियों पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया है, जिसे जमा न करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
नशे के सौदागरों के खिलाफ आए इस फैसले का स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से ड्रग पेडलर्स के बीच खौफ पैदा होगा और जिले में चल रहे नशे के अवैध व्यापार पर लगाम लगेगी। सरगुजा पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस से साझा करें। यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘ड्रग फ्री छत्तीसगढ़’ की मुहिम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
