बीजापुर में मानवता की मिसाल: आग में झुलसी महिला के लिए ‘फरिश्ता’ बने सुरक्षाबल, उफनती नदी और दुर्गम रास्तों के बीच कंधे पर उठाकर पहुँचाया अस्पताल…NV News

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से सुरक्षाबलों की संवेदनशीलता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने मानवता की नई मिसाल पेश की है। जिले के एक सुदूर वनांचल गांव में एक महिला आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गई थी। सड़क मार्ग न होने और एम्बुलेंस की अनुपलब्धता के कारण महिला तड़प रही थी, तभी इलाके में गश्त पर निकले सुरक्षाबलों के जवान उसके लिए ‘मसीहा’ बनकर पहुँचे।

महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए जवानों ने बिना समय गंवाए उसे अस्पताल पहुँचाने का निर्णय लिया। इलाके की भौगोलिक परिस्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण थीं; कहीं उफनती नदी थी तो कहीं पथरीले और कटीले रास्ते। जवानों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लकड़ी और कपड़ों की मदद से एक अस्थायी स्ट्रेचर (कांवड़) तैयार किया और महिला को अपने कंधों पर लाद लिया।

बीजापुर के इन जांबाज जवानों ने करीब कई किलोमीटर का दुर्गम सफर पैदल तय किया। पसीने से लथपथ होने के बावजूद जवानों के कदम तब तक नहीं रुके, जब तक वे मुख्य मार्ग तक नहीं पहुँच गए, जहाँ से महिला को वाहन के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया। रास्ते में जवानों ने महिला का हौसला भी बढ़ाया और उसे प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया, जिससे उसकी जान बच सकी।

जवानों के इस मानवीय चेहरे की अब पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है। अक्सर नक्सलियों से लोहा लेने वाले इन हाथों ने जब एक बेबस महिला की जान बचाने के लिए स्ट्रेचर उठाया, तो ग्रामीणों की आंखों में भी उनके प्रति सम्मान साफ नजर आया। बीजापुर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जवानों की इस तत्परता की प्रशंसा करते हुए कहा कि सुरक्षाबल न केवल बस्तर की सुरक्षा, बल्कि यहां के नागरिकों की सेवा के लिए भी सदैव तत्पर हैं।

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