छत्तीसगढ़ में ‘फर्जी IAS’ गिरफ्तार: मेडल और फर्जी सर्टिफिकेट दिखाकर युवाओं से की लाखों की ठगी, अब सलाखों के पीछे…NV News

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छत्तीसगढ़ में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जिसने खुद को IAS अधिकारी बताकर दर्जनों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। आरोपी अपनी फर्जी पहचान को पुख्ता करने के लिए सोशल मीडिया और मुलाकातों के दौरान नकली मेडल, प्रशस्ति पत्र और ‘अवार्ड्स’ दिखाता था, ताकि लोग उस पर आसानी से भरोसा कर सकें। पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े गिरोह के पर्दाफाश की नींव रख दी है।

पकड़े गए आरोपी की पहचान उजागर करते हुए पुलिस ने बताया कि वह बेहद प्रभावशाली तरीके से खुद को शासन के वरिष्ठ पदों पर पदस्थ बताता था। उसने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर कई युवाओं से लाखों रुपये ऐंठे। ठगी का शिकार हुए एक युवक की शिकायत के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो पता चला कि उक्त नाम का कोई भी अधिकारी प्रशासनिक सेवा में मौजूद नहीं है। आरोपी के पास से कई फर्जी दस्तावेज, मोहरें और प्रशासनिक पद की गरिमा को भुनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नकली मेडल बरामद हुए हैं।

सावधानी बरतें: सरकारी विभागों में नियुक्तियाँ केवल आधिकारिक चयन प्रक्रियाओं (जैसे PSC या व्यापम) के माध्यम से होती हैं। किसी भी व्यक्ति को नौकरी के नाम पर नकद राशि न दें।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी लाइफस्टाइल को भी किसी हाई-प्रोफाइल अधिकारी की तरह बना रखा था। वह अक्सर रसूखदार लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाता और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर अपनी साख बनाता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस ठगी में उसके साथ विभाग के किसी निचले कर्मचारी या अन्य साथियों की मिलीभगत तो नहीं है।

पुलिस की अपील:

रायपुर पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इस कथित ‘फर्जी आईएएस’ का शिकार हुआ है, तो वह तत्काल संबंधित थाने में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराए। आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, जहाँ उससे पूछताछ में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। यह घटना उन युवाओं के लिए एक चेतावनी है जो जल्दबाजी में गलत रास्तों से सरकारी नौकरी पाने की कोशिश करते हैं।

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