रायपुर-दुर्ग नेशनल हाईवे पर खत्म होगा जाम का झंझट: सिरसा गेट और खुर्सीपार में बनेंगे ग्रेड सेपरेटर, ₹77 करोड़ की मिली प्रशासनिक स्वीकृति… NV News
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राजधानी रायपुर और औद्योगिक शहर दुर्ग के बीच कनेक्टिविटी को और अधिक बेहतर बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने एक बड़ा कदम उठाया है। हाईवे के सबसे व्यस्त और जाम की समस्या से जूझने वाले दो प्रमुख पॉइंट्स— सिरसा गेट (भिलाई) और खुर्सीपार में ‘ग्रेड सेपरेटर’ के निर्माण के लिए ₹77 करोड़ के बजट को हरी झंडी दे दी गई है। यह कदम ‘डबल इंजन’ सरकार की अधोसंरचना विकास की नीति का हिस्सा है, जिससे दुर्ग-रायपुर के बीच का सफर न केवल सुगम होगा, बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी।
सिरसा गेट और खुर्सीपार ऐसे जंक्शन हैं जहाँ स्थानीय ट्रैफिक और हाईवे के भारी वाहनों के दबाव के कारण अक्सर लंबी कतारें लगी रहती थीं। ग्रेड सेपरेटर के बनने से ‘थ्रू ट्रैफिक’ (सीधा जाने वाला यातायात) और ‘लोकल ट्रैफिक’ (स्थानीय यातायात) अलग-अलग स्तरों पर चलेंगे, जिससे क्रॉसिंग के दौरान होने वाले हादसों और जाम की संभावना शून्य हो जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की लाइफलाइन को मजबूती देने वाला फैसला बताया है।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रेड सेपरेटर एक प्रकार का ‘फ्लाईओवर’ या ‘अंडरपास’ का मिला-जुला रूप होता है जो बिना सिग्नल के वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करता है। ₹77 करोड़ की इस राशि का उपयोग पुलिया निर्माण, सर्विस रोड के सुधार और आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था के लिए किया जाएगा। निविदा प्रक्रिया (Tender Process) जल्द ही शुरू होने वाली है, और लक्ष्य रखा गया है कि आगामी 18 से 24 महीनों के भीतर इसे पूरा कर लिया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से भिलाई-दुर्ग के औद्योगिक क्षेत्रों और रायपुर के व्यापारिक केंद्रों के बीच माल ढुलाई भी आसान होगी। वर्तमान में इस मार्ग पर पीक आवर्स के दौरान वाहन रेंगते हुए चलते हैं, जिससे ईंधन और समय दोनों का नुकसान होता है। अब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ, यह कॉरिडोर देश के चुनिंदा ‘स्मार्ट हाईवे’ की तर्ज पर विकसित होगा। स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, क्योंकि यह क्षेत्र अब तेजी से विकसित हो रहे अर्बन क्लस्टर का हिस्सा बन चुका है।
