“Cow Murder Case”: गौवंशों की मौत पर बवाल, संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी…NV News 

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रायपुर/(Cow Murder Case): राजधानी रायपुर से करीब 38 किलोमीटर दूर सारागांव क्षेत्र के रायखेड़ा बांगोली गांव में पिछले पांच दिनों में अचानक 24 से ज्यादा गायों की मौत से हड़कंप मच गया है। इस घटना ने न केवल ग्रामीणों को झकझोर दिया है, बल्कि गौ सेवकों और हिंदू संगठनों में भी गुस्से की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पास में स्थित एक मशरूम कंपनी ने जहरीला मशरूम खुले में फेंका था। गायों ने उसे खा लिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

गांव में दहशत और आक्रोश:

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले चार-पांच दिनों से लगातार गौवंश की मौत हो रही थी। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य बीमारी समझा, लेकिन जब मौतों की संख्या तेजी से बढ़ी तो गांव में अफरा-तफरी मच गई। अब तक कुल 24 गायों की मौत हो चुकी है।

• गांव के किसान रामलाल साहू ने बताया,”सुबह से ही कई गायें तड़पती हुई मिलीं। पास जाकर देखा तो उनके मुंह से झाग निकल रहा था। हमें शक है कि उन्होंने जहरीला मशरूम खाया था, जो कंपनी ने खुले में फेंका था।”

प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल:

ग्रामीणों और संगठनों का आरोप है कि जिला प्रशासन इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रहा है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई की जाती तो कई गायों की जान बचाई जा सकती थी।

गो सेवा दल के कार्यकर्ता दिनेश शर्मा ने कहा,”हमने कई बार प्रशासन को चेताया कि कंपनी लापरवाही कर रही है, लेकिन उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई। अब जब 24 से ज्यादा गायें मर गईं, तब जाकर पीएम कराया गया।”

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार:

• रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने घटना पर कहा,”मामले की शिकायत मिलने के बाद मृत गायों का पीएम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मौत का असली कारण क्या था। उसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”फिलहाल प्रशासन का मानना है कि अभी यह तय नहीं है कि, गायों की मौत जहरीले मशरूम के कारण हुई या किसी और वजह से।

हिंदू संगठनों का गुस्सा:

घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू महासभा और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मृत गायों को देखकर आक्रोश व्यक्त किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

• हिंदू महासभा रायपुर महानगर के अध्यक्ष ने कहा,”गाय हमारी माता हैं और उनका इस तरह मरना अत्यंत दुखद है। प्रशासन गो हत्या के मामलों में हमेशा नरमी बरतता है। अगर दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे।”

कुछ दिन पहले ही रायपुर में हिंदू महासभा और गो सेवा दल ने “गौ न्याय पदयात्रा” निकाली थी। इसका उद्देश्य था कि गौवंश पर हो रहे अत्याचारों को रोका जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। लेकिन अब इस ताजा घटना ने प्रशासन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों में दहशत का माहौल:

गांव के कई परिवारों की आजीविका गायों पर ही निर्भर है। अचानक इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत से ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है। कई ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।

• किसान गंगाराम वर्मा ने बताया,”हमारी 3 गायें मर चुकी हैं। उनके मरने से घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। सरकार से मुआवजे की मांग करते हैं।”

मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग:

ग्रामीणों और संगठनों ने प्रशासन से मृत गायों के मालिकों को मुआवजा देने और मशरूम कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों को सजा नहीं मिली तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

मामले की गंभीरता बढ़ी:

इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन, बल्कि पूरे जिले को हिला दिया है। लगातार बढ़ती गायों की मौत और ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए प्रशासन अब दबाव में है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इन मौतों के पीछे वास्तव में जहरीला मशरूम ही कारण था या कोई और वजह।

फिलहाल गांव में पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है। ग्रामीणों और संगठनों ने साफ कर दिया है कि अगर न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन की आग रायपुर तक पहुंच जाएगी।

पांच दिनों में 24 गायों की मौत ने न केवल ग्रामीणों के दिलों को झकझोर दिया है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्य से पर्दा उठाएगी कि आखिर इन बेजुबान प्राणियों की जान कैसे गई।

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