जंग के बीच भारत के पास आए रूस के राष्ट्रपति, रूस ने भारत से कि मदद की अपील

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NV News:- यूक्रेन पर हमले होने के पीछे असली वजह तो अमेरिका और नाटो ही हैं। भले दुनिया आज रूस को गलत ठहरा रही है लेकिन एक दिन उसे हकिकत जरूर पता लगेगा। पश्चिमी देश अपने अखबारों, न्यूज चैनलों में रूस के खिलाफ ताबड़तोड़ खबरें दिखा रहे हैं लेकिन, यह नहीं बता रहे हैं कि इसकी जड़ कहां है।

जो पश्चिमी देश परोस रहे हैं बाकी के देश वही दिखा रहे हैं। कुछ लोग हैं जो इस हकिकत को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन, वो कहीं दब कर रह जा रहे हैं। अब तो यह भी पता चल गया है कि यूक्रेन में अमेरिका और नाटो चोरी छुपे रासायनिक व जैविक हथियारों को बना रहा था। इस खबर को दुनिया ने नहीं दिखाई। खैर रूस और भारत के बीच दोस्ती काफी समय से है और इस युद्ध में भी भारत का क्या स्टैंड होगा वो काफी मायने रखता है। फिलहाल भारत अपने आप को सेफ करके चल रहा है। लेकिन अब पुतिन भारत को साथ चाहते हैं।

मीडिया में आ रही खबरों की माने तो, रूस ने भारत से मदद की अपील की है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि, रूस ने भारत से अपील की है कि वह प्रतिबंध से प्रभावित मॉस्के के तेल और गैस क्षेत्र में अपने निवेश को बढ़ाए। रूस एशिया के तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश भारत में रूसी कंपनियों के बिक्री नेटवर्क का विस्ता करने का इच्छुक है। रूस को इस वक्त जंग के चलते गहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि, जंग के चलते पश्चिमी देशों ने मॉस्को पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं जिसके चलते रूस की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ा है। इसके साथ ही ये पश्चिमी देश भारत से भी रूस की निंदा करने के लिए दबाव बना रहे हैं, लेकिन भारत अच्छे से पता है कि उसे क्या करना है और कौन उसा दोस्त है कौन दुश्मन।

रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा है कि, भारत में रूस के तेल और पेट्रोलियम उत्पाद का निर्यात 1 बिलियन डॉलर के करीब पहुंच गए हैं, और इस आंकड़े को बढ़ाने के स्पष्ट अवसर हैं। नोवाक ने भारतीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से कहा कि हम रूसी तेल और गैस क्षेत्र में भारतीय निवेश को और आकर्षित करने और भारत में रूसी कंपनियों के बिक्री नेटवर्क का विस्तार करने में रुचि रखते हैं।

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