Women’s Cricket World Cup 2025: भारत की बेटियों ने लिखा स्वर्ण अध्याय – 52 साल बाद खिताब, ₹51 करोड़ का इनाम…NV News
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Women’s Cricket World Cup 2025: नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में 2 नवंबर 2025 का दिन भारतीय क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 52 साल के इंतजार को खत्म करते हुए पहली बार आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से मात देकर इतिहास रच दिया।
BCCI का बड़ा ऐलान – ₹51 करोड़ का नकद इनाम:
ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिला खिलाड़ियों के पराक्रम को सलाम करते हुए ₹51 करोड़ का इनाम देने की घोषणा की। बोर्ड अध्यक्ष जय शाह ने कहा, “हमारी बेटियों ने देश का नाम रोशन किया है। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के नए युग की शुरुआत है।”

फाइनल में भारत का दमदार प्रदर्शन:
फाइनल में टॉस दक्षिण अफ्रीका ने जीता और गेंदबाजी का फैसला किया-जो अंततः उनके लिए भारी साबित हुआ। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट पर 298 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने शानदार 87 रन ठोके और दो विकेट भी लिए, जिससे उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। वहीं दीप्ति शर्मा ने गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए पांच विकेट झटके और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।
दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ट ने संघर्षपूर्ण 101 रन बनाए, लेकिन पूरी टीम 246 रन पर सिमट गई। भारत की जीत 52 रनों के अंतर से दर्ज हुई -ठीक उतने ही जितने सालों से यह खिताब भारत से दूर था।

हरमनप्रीत कौर की भावुक प्रतिक्रिया:
जीत के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ हमारी नहीं, हर उस लड़की की जीत है जो क्रिकेट का सपना देखती है। हमने साबित कर दिया कि अगर जज़्बा हो तो कोई मंज़िल दूर नहीं।” हरमनप्रीत ने टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना को गले लगाकर खुशी साझा की और इसके बाद पूरी टीम ने मैदान पर भांगड़ा डालकर जीत का जश्न मनाया।
फैंस और खिलाड़ियों का जश्न:
जैसे ही भारत ने जीत दर्ज की, डीवाई पाटिल स्टेडियम ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। खिलाड़ियों ने ट्रॉफी के साथ पूरे मैदान का चक्कर लगाया और दर्शकों का आभार जताया। सोशल मीडिया पर भी WorldChampions और WomenInBlue ट्रेंड करने लगे।

देशभर में इस जीत का जश्न दीपावली जैसा मनाया गया। प्रधानमंत्री से लेकर फिल्मी सितारों तक सभी ने महिला टीम को बधाई दी। बीसीसीआई ने यह भी घोषणा की कि सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को विशेष सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
इतिहास का दोहराव, पहले बल्लेबाजी का ट्रेंड जारी:
महिला वनडे विश्व कप के इतिहास में यह ट्रेंड रहा है कि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अक्सर खिताब जीतती है। साल 2000 से अब तक खेले गए आठ फाइनल्स में सात बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत दर्ज की है। 2025 में भारत ने भी इसी सिलसिले को आगे बढ़ाया।
• 2000 (न्यूजीलैंड): मेजबान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को चार रन से हराया।
• 2005 (दक्षिण अफ्रीका): ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी कर भारत को 98 रन से मात दी।
• 2009 (ऑस्ट्रेलिया): एकमात्र अपवाद —इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को चेज़ करते हुए हराया।
• 2013 (भारत): ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी कर वेस्टइंडीज को 114 रन से हराया।
• 2017 (इंग्लैंड): इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी कर भारत को नौ रन से हराया।
• 2022 (न्यूजीलैंड): ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग कर इंग्लैंड को 71 रन से हराया।
• 2025 (भारत/श्रीलंका): भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से परास्त किया।
यह साफ दिखाता है कि बड़े मैचों में पहले रन बोर्ड पर स्कोर खड़ा करना कितना अहम साबित होता है।

भारत की जीत का महत्व:
यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट के प्रति देश के नजरिए में बदलाव का प्रतीक है। 1973 में जब महिला वनडे विश्व कप की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि भारत एक दिन अपनी सरजमीं पर यह खिताब उठाएगा। 2005 और 2017 में टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची जरूर, लेकिन खिताब से चूक गई। इस बार हरमनप्रीत की टीम ने वह अधूरा सपना पूरा कर दिया।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा:
इस जीत ने भारत की लाखों बेटियों को नया आत्मविश्वास दिया है। अब भारतीय महिला क्रिकेट के लिए यह सिर्फ शुरुआत है,बीसीसीआई के इनाम और बढ़ते समर्थन के साथ आने वाले वर्षों में महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयां छूने का अवसर मिलेगा।
भारत की महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास लिख दिया है। 52 साल का इंतजार खत्म हुआ, और “विमेन इन ब्लू” ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि वे भी उतनी ही ताकत और जुनून रखती हैं जितना पुरुष क्रिकेट टीम। इस जीत ने न केवल खेल के मैदान में, बल्कि समाज में भी महिलाओं के सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।
