पत्रकार पति की हत्या करने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद — मनेंद्रगढ़ कोर्ट ने सुनाई सजा, 3 वर्षीय बेटी हुई अनाथ
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मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ में पत्रकार की बेरहमी से हत्या करने के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय, मनेंद्रगढ़, ने पत्रकार रईस अहमद की हत्या के दोषियों — पत्नी सफीना खातून और उसके प्रेमी आरजू खान (20) — को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला मई 2024 का है, जब रईस अहमद का शव फॉरेस्ट डिपो के पास गड्ढे में खून से लथपथ मिला था।
हत्या की रात रची गई थी साजिश:-
जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी सफीना खातून ने अपने प्रेमी आरजू खान के साथ मिलकर हत्या की पूरी योजना बनाई थी।
15 मई 2024 की रात करीब 2 बजे आरजू खान अपने साथी के साथ मौहारपारा, मनेंद्रगढ़ पहुंचा। सफीना ने उसे घर में प्रवेश कराया और सोते हुए पति रईस अहमद पर हमला करवाया। आरजू ने हाथ, मुक्का, लात और धारदार हथियार से वार कर, गमछे से गला घोंट दिया। इसके बाद शव को घर से कुछ दूरी पर स्थित फॉरेस्ट डिपो के पीछे गड्ढे में छिपा दिया गया।
पहले भी प्रेमी के साथ भाग चुकी थी पत्नी:-
मृतक के भाई नसीर अहमद ने बताया कि सफीना खातून पहले भी गढ़वा (झारखंड) निवासी प्रेमी आरजू खान के साथ भाग चुकी थी। उस समय उसने अपहरण की झूठी कहानी बताई थी। रईस अहमद ने कोर्ट और पुलिस में शिकायत कर उसे छुड़वाया और वापस मनेंद्रगढ़ लाया। इसके बाद वह पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ किराए के मकान में रहने लगा था।
कोर्ट ने सुनाई ये सजा
प्रथम अपर सत्र न्यायालय, मनेंद्रगढ़, ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को निम्न धाराओं में दोषी पाते हुए सजा सुनाई—
धारा 120-बी (षड्यंत्र): 5 वर्ष सश्रम कारावास
धारा 449/34 (संपत्ति में घुसकर हत्या): आजीवन कारावास
धारा 201/34 (साक्ष्य मिटाने का प्रयास): 7 वर्ष सश्रम कारावास
तीन वर्षीय बच्ची के सिर से उठा पिता का साया:-
इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पत्रकार की नृशंस हत्या ने मीडिया जगत को झकझोर दिया था। अब अदालत के फैसले से मृतक के परिजनों ने राहत की सांस ली है, जबकि तीन वर्षीय पुत्री अब अनाथ हो गई है।
