उत्तर छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला: सरगुजा में ओलावृष्टि और बारिश, फसलों को भारी नुकसान की आशंका…NV News

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उत्तर छत्तीसगढ़ के मौसम ने अचानक करवट बदल ली है, जिससे सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई है। कड़कड़ाती ठंड के बीच हुई इस बेमौसम बरसात ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। आसमान में छाए काले बादलों और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई है।

मौसम के इस ‘यू-टर्न’ ने सबसे ज्यादा किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी दलहन और तिलहन की फसलों को ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुँचने की आशंका है। विशेष रूप से सरसों, चने और गेहूं की फसलें इस समय नाजुक स्थिति में थीं, जिन पर कुदरत की इस मार ने पानी फेर दिया है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं क्योंकि उनकी महीनों की मेहनत पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, ऊपरी हवा में बने एक चक्रवात और नमी के आगमन के कारण छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। स्थानीय प्रशासन ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। सरगुजा के अलावा जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर जिले के कुछ हिस्सों में भी मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की गई है।

ग्रामीण अंचलों में ओले गिरने से बागवानी फसलों, जैसे टमाटर और गोभी को भी काफी क्षति पहुँची है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक आसमान साफ नहीं होगा और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस प्राकृतिक बदलाव ने जहां आम लोगों को घरों में कैद कर दिया है, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।

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