तखतपुर में शोक की लहर: राजस्थान में ड्यूटी के दौरान जरहागांव थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा की सड़क हादसे में मौत…NV News
Share this
तखतपुर/मुंगेली: छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए सोमवार का दिन एक अत्यंत दुखद खबर लेकर आया। मुंगेली जिले के जरहागांव थाना प्रभारी (TI) नंदलाल पैकरा का राजस्थान में एक दर्दनाक सड़क हादसे में निधन हो गया। वे एक गुमशुदा व्यक्ति की तलाश में शासकीय कर्तव्य (Official Duty) के तहत राजस्थान गए हुए थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें पैकरा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के इस तरह असमय चले जाने से पूरे विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा एक महत्वपूर्ण केस की गुत्थी सुलझाने और लापता व्यक्ति की लोकेशन ट्रैक करते हुए अपनी टीम के साथ राजस्थान के दौरे पर थे। राजस्थान के एक नेशनल हाईवे पर अचानक हुए इस हादसे में उनकी जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही मुंगेली और तखतपुर क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने राजस्थान पुलिस से संपर्क किया। पैकरा के निधन की खबर जैसे ही उनके गृह ग्राम और कार्यक्षेत्र में पहुंची, सहकर्मियों और क्षेत्रवासियों में गहरा सन्नाटा पसर गया।
नंदलाल पैकरा को पुलिस महकमे में एक बेहद जिम्मेदार, ईमानदार और संवेदनशील अधिकारी के रूप में जाना जाता था। जरहागांव थाने की कमान संभालते हुए उन्होंने न केवल अपराधों पर लगाम कसी, बल्कि जन-पुलिसिंग (Public Policing) को भी बढ़ावा दिया। अपनी ड्यूटी के प्रति उनके समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे कड़ाके की ठंड और विषम परिस्थितियों के बावजूद खुद लीड करते हुए दूसरे राज्य में जांच के लिए गए थे।
उनके निधन से न केवल पुलिस विभाग ने एक बेहतरीन हीरा खो दिया है, बल्कि उनके परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। साथी पुलिसकर्मियों ने बताया कि पैकरा हमेशा मुस्कुराते हुए चुनौतियों का सामना करते थे और अपने जूनियर कर्मचारियों का मार्गदर्शन करते थे। तखतपुर और मुंगेली के स्थानीय नागरिकों ने भी उन्हें एक ऐसे अधिकारी के रूप में याद किया, जो आम जनता की समस्याओं को बहुत गंभीरता और शालीनता से सुनते थे।
शहीद थाना प्रभारी के पार्थिव देह को ससम्मान छत्तीसगढ़ वापस लाने की तैयारी की जा रही है। राजस्थान पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें ‘कर्तव्यपथ का शहीद’ बताकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनके पीछे छोड़ गए यादों और ईमानदारी के किस्से अब पुलिस विभाग के लिए एक मिसाल रहेंगे।
