मतदाता सूची या मजाक? रायपुर में ‘दादा’ बना ‘पोते’ से छोटा, लाखों नाम गायब; मतदाता सूची की बड़ी गड़बड़ी ने उड़ाई निर्वाचन आयोग की नींद…NV News

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इन दिनों मतदाता सूची एक चर्चा का विषय कम और विवाद का मुद्दा ज्यादा बन गई है। हाल ही में जारी हुई 2026 की मतदाता सूची (Draft Roll) में ऐसी मानवीय और तकनीकी गलतियां मिली हैं, जिन्हें देखकर प्रशासन भी हैरान है। कहीं पिता की उम्र बेटे से कम दर्ज है, तो कहीं दादा को उसके पोते से छोटा दिखा दिया गया है। इन विसंगतियों के अलावा, प्रदेश भर में 27 लाख से ज्यादा नाम सूची से काट दिए गए हैं, जिसे लेकर कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ की साजिश का आरोप लगाया है।

वोटर लिस्ट में मिलीं हास्यास्पद और गंभीर गलतियां:

रिश्तों का भूगोल बदला: रायपुर की मतदाता सूची में कई ऐसे उदाहरण मिले हैं जहां पिता की उम्र 25 साल और बेटे की उम्र 32 साल दर्ज है। कुछ मामलों में दादाओं को उनके पोतों की उम्र से भी कम आयु का दिखाया गया है।

लाखों नाम गायब: निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे प्रदेश में लगभग 27.34 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। अकेले रायपुर जिले में ही लगभग 51,000 नाम काटे गए हैं।

एक ही मकान में सैंकड़ों नाम: बीरगांव और रायपुर ग्रामीण जैसे क्षेत्रों में एक ही छोटे से मकान नंबर पर 100 से 150 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए हैं।

गायब वार्ड और मोहल्ले: कुछ क्षेत्रों में शिकायत मिली है कि 2003 की पुरानी सूची के आधार पर नाम काटे गए हैं, जिससे वे लोग भी वोटर लिस्ट से बाहर हो गए हैं जो पिछले 20-25 सालों से उसी पते पर रह रहे हैं।

राजनीतिक घमासान और आयोग की दलील:

कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय और अन्य पदाधिकारियों ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है। उनका आरोप है कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से विपक्षी क्षेत्रों के वोटरों के नाम जानबूझकर काटे गए हैं। वहीं, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) यशवंत कुमार का कहना है कि यह केवल एक ड्राफ्ट रोल है। नाम काटने के पीछे मुख्य कारण मृत मतदाता, शिफ्टेड मतदाता और डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ हैं।

कैसे सुधारें अपनी जानकारी? (What can you do?)

यदि आपका नाम सूची से गायब है या जानकारी गलत है, तो आपके पास अभी भी समय है:

वोटर सर्विस पोर्टल (voters.eci.gov.in): यहाँ जाकर अपना नाम चेक करें।

Form-8 भरें: किसी भी प्रकार के सुधार (उम्र, नाम, संबंध) के लिए फॉर्म-8 का उपयोग करें।

दावा और आपत्ति (Claims and Objections): आयोग ने 22 जनवरी 2026 तक आपत्तियां मांगी थीं, लेकिन विसंगतियों को देखते हुए विशेष शिविरों के माध्यम से नाम जोड़ने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

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