जाज्वल्यदेव महोत्सव में ‘कुर्सी’ पर बवाल: समापन समारोह में प्रोटोकॉल को लेकर भिड़े नेता और अफसर; जमकर हुआ विवाद…NV News

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जांजगीर-चाँपा। जांजगीर की ऐतिहासिक धरा पर आयोजित तीन दिवसीय जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव का समापन विवादों के साये में हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन मंच पर बैठने की व्यवस्था (प्रोटोकॉल) को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच जमकर तकरार हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है पूरा मामला?

समापन समारोह के दौरान मुख्य मंच पर कुर्सियों के आवंटन और प्रोटोकॉल को लेकर विवाद शुरू हुआ।

नेताओं का आरोप: स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप था कि प्रशासन ने निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपेक्षा की और प्रोटोकॉल के उल्लंघन करते हुए उन्हें उचित स्थान नहीं दिया।

अधिकारियों का पक्ष: दूसरी ओर, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों का कहना था कि वे तय प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था के अनुरूप काम कर रहे थे।

मंच पर मची अफरा-तफरी

विवाद के दौरान मंच पर मौजूद अन्य अतिथियों और कलाकारों के सामने ही बहस बढ़ती गई। इस हंगामे के चलते कुछ समय के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी व्यवधान आया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे कुर्सी को लेकर शुरू हुई बात व्यक्तिगत छींटाकशी और ऊंचे स्वर में बहस तक पहुँच गई। स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत कराया गया।

महोत्सव की गरिमा पर सवाल

जाज्वल्यदेव महोत्सव जिले का गौरव माना जाता है, जहाँ प्रदेश भर के कलाकार और हजारों की संख्या में जनता जुटती है। लेकिन समापन के अवसर पर “कुर्सी की लड़ाई” ने उत्सव के रंग में भंग डाल दिया। इस घटना के बाद विपक्षी दलों और आम जनता ने महोत्सव के कुप्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं

इस विवाद पर जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक लिखित स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। प्रभावित पक्ष और संबंधित अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया जा रहा है ताकि मामले की निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।

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