नशा मुक्त भारत अभियान के तहत दुर्गा वाहिनी का जन-जागरूकता कार्यक्रम, दिलाई गई नशा न करने की शपथ
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बलौदा बाजार। विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में नशा मुक्त विकसित भारत अभियान के अंतर्गत रविवार 14 दिसंबर 2025 को बाईपास स्थित सांवरा बस्ती में एक प्रेरणादायक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे की भयावहता से अवगत कराते हुए नशा मुक्त परिवार और सशक्त भारत की संकल्पना को साकार करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की आरती एवं विजय मंत्र के साथ की गई। इसके पश्चात उपस्थित मातृशक्तियों, युवाओं और बच्चों में राष्ट्र एवं समाज के प्रति दायित्वबोध का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संयोजिका श्रीमती आरती सराफ ने की, जबकि नगर उपाध्यक्ष श्रीमती परमेश्वरी पटेल ने मुख्य उद्बोधन दिया।
अपने प्रेरक संबोधन में श्रीमती परमेश्वरी पटेल ने कहा कि “जब तक नशे को जड़ से समाप्त नहीं किया जाएगा, तब तक न परिवार सुधरेगा और न ही समाज। नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को भी बर्बाद करता है।” उन्होंने माताओं से अपील की कि वे अपने परिवार को नशे से दूर रखने में अग्रणी भूमिका निभाएं और बच्चों को अच्छे संस्कार दें।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को नशा न करने और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की सामूहिक प्रतिज्ञा दिलाई गई। इस अवसर पर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिला संयोजिका श्रीमती आरती सराफ ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों, युवाओं, बच्चों एवं स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के सामाजिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने नशा मुक्त समाज निर्माण के लिए सतत प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर सत्संग प्रमुख लता वर्मा, सेवा प्रमुख शांति साहू, दुर्गा वाहिनी जिला संयोजिका ममता टिकरिया, सह संयोजिका किरण साहू, सांवरा बस्ती की पंच प्रमुख सहित बड़ी संख्या में मातृशक्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में बच्चों एवं युवाओं की सक्रिय सहभागिता विशेष रूप से देखने को मिली।
कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ, जिसके पश्चात सभी उपस्थितजनों को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में लगभग 70 से 75 लोगों की सहभागिता रही।
यह कार्यक्रम न केवल नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि स्वस्थ, संस्कारित और विकसित भारत के निर्माण का सशक्त संदेश भी देता नजर आया।
