छत्तीसगढ़–एमपी–महाराष्ट्र सीमावर्ती जंगलों में दो बड़ी मुठभेड़: SI शहीद, सुरक्षाबलों ने 7 नक्सली ढेर
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रायपुर। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के सीमावर्ती जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान बुधवार सुबह बड़ा हमला हुआ। माओवादियों ने जवानों की टीम को जंगल में आते देख अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस मुठभेड़ में एमपी बालाघाट की स्पेशल हॉक फोर्स में तैनात सब इंस्पेक्टर आशीष शर्मा गोली लगने से शहीद हो गए।
जानकारी के अनुसार, सुबह जवानों की टीम को माओवादियों की मौजूदगी के इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया गया। जंगल में घुसते ही नक्सलियों ने हमला कर दिया। मुठभेड़ के दौरान बालाघाट जिले के किनी चौकी प्रभारी 40 वर्षीय एसआई आशीष शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल डोंगरगढ़ अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान उनके शहीद होने की पुष्टि की।
एसआई आशीष शर्मा दो बार वीरता पदक से सम्मानित रह चुके थे और फरवरी 2025 में रौंदा जंगल में हुई बड़ी कार्रवाई में उन्होंने तीन महिला नक्सलियों को मार गिराया था। उनके शहीद होने की खबर से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है।
डोंगरगढ़ के बोरतलाव जंगल में मुठभेड़ अभी भी जारी है।
सुकमा में दूसरी बड़ी सफलता: 7 नक्सली ढेर:-
सुकमा–आंध्र प्रदेश सीमा पर भी सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 7 नक्सलियों को मार गिराया गया। मौके से AK-47 समेत 8 हथियार बरामद किए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इलाके में नक्सल संगठन के टॉप लीडर, पोलित ब्यूरो सदस्य और महासचिव देवजी की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज किया।
बता दें कि मंगलवार को भी अल्लूरी सीताराम जंगल में सुरक्षा बलों ने माओवादी संगठन के टॉप कमांडर और 1 करोड़ के इनामी हिड़मा समेत 6 नक्सलियों को मार गिराया था। उसी इलाके में आज फिर से मुठभेड़ हुई और सुरक्षाबलों ने 7 और नक्सलियों को ढेर कर दिया।
इलाके में अब भी सर्चिंग ऑपरेशन जारी है।
