ईरान पर भीषण हमले की तैयारी में ट्रंप! समंदर में ‘महाशक्ति’ की तैनाती; दूसरा युद्धपोत भेजने के पीछे राष्ट्रपति ने बताया अपना खतरनाक इरादा…NV News
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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आहट अब पहले से कहीं अधिक तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ईरान को घुटनों पर लाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ट्रंप ने घोषणा की है कि दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड (USS Gerald R. Ford) जल्द ही मध्य पूर्व के लिए रवाना होगा। यह युद्धपोत वहां पहले से तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन के साथ जुड़ेगा, जिससे इस क्षेत्र में अमेरिका की मारक क्षमता दोगुनी हो जाएगी।
“समझौता करो या परिणाम भुगतो”: ट्रंप की सीधी चेतावनी
उत्तरी कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में सैनिकों को संबोधित करने के बाद ट्रंप ने संवाददाताओं से बातचीत में अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने कहा:
“अगर ईरान सही समझौता (Nuclear Deal) नहीं करता है, तो हमें इन युद्धपोतों की जरूरत पड़ेगी। हमने उन्हें पहले भी चेतावनी दी थी, और अब समय निकलता जा रहा है। अगला हमला पहले से कहीं अधिक भयानक होगा।”
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) वहां के लोगों और दुनिया के लिए सबसे अच्छी बात होगी। उन्होंने ओमान में हुई हालिया अप्रत्यक्ष वार्ताओं के विफल होने की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान केवल समय बर्बाद कर रहा है।
वेनेजुएला से सीधे ईरान की ओर रुख
खास बात यह है कि यूएसएस गेराल्ड फोर्ड हाल ही में वेनेजुएला में एक सफल सैन्य अभियान (Operation) को अंजाम देने के बाद कैरेबियन सागर में तैनात था। अब ट्रंप ने इसे सीधे ईरान के मोर्चे पर भेजने का आदेश दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दो एयरक्राफ्ट कैरियर की मौजूदगी का मतलब है कि अमेरिका एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला करने और हफ्तों तक चलने वाले युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।
इजरायल का साथ और ‘मैक्सिमम प्रेशर’
यह सैन्य हलचल तब बढ़ी है जब हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से मुलाकात की। खबरों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने और ईरान के तेल निर्यात (खासकर चीन को) पर ‘फुल फोर्स’ प्रतिबंध लगाने पर सहमति बनी है।
दुनिया भर में बढ़ी चिंता
खाड़ी देशों (सऊदी अरब, यूएई, कतर) ने चेतावनी दी है कि अमेरिका का कोई भी हमला पूरे पश्चिम एशिया को भीषण आग में झोंक सकता है। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि वे क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए तैयार हैं।
