नाबालिग भांजी से दुष्कर्म करने वाले मामा को उम्रकैद, कोर्ट ने कहा- ‘जब रक्षक ही भक्षक बन जाए’…NV News

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अंबिकापुर की एक विशेष अदालत ने समाज को झकझोर देने वाले दुष्कर्म के मामले में आरोपी को अंतिम सांस तक जेल की सजा सुनाई है। इस मामले की सबसे दुखद बात यह है कि अपराधी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़िता का सगा मामा है। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टिप्पणी की कि जिस रिश्ते पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने मासूम का विश्वास तोड़ा है। कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट (POCSO) और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना तब हुई थी जब नाबालिग पीड़िता अपने मामा के घर रहने गई थी। विश्वास का फायदा उठाकर आरोपी ने मासूम के साथ घिनौना कृत्य किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डरी-सहमी बच्ची ने जब अपने परिजनों को इस आपबीती की जानकारी दी, तब मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ चार्जशीट पेश की।

सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने दलील दी कि ऐसे मामलों में नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाता है। पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट ने आरोपी के खिलाफ जुर्म को मजबूती से साबित किया। अदालत ने माना कि आरोपी ने न केवल कानून तोड़ा है, बल्कि एक पवित्र सामाजिक रिश्ते को भी कलंकित किया है। यही वजह है कि उसे समाज में रहने के बजाय पूरी जिंदगी सलाखों के पीछे बिताने का आदेश दिया गया।

सजा के साथ-साथ अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार पीड़िता को 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति (Compensation) प्रदान करे। यह राशि पीड़िता की शिक्षा और उसके बेहतर भविष्य के लिए उपयोग की जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि मुआवजे की इतनी बड़ी राशि और उम्रकैद की सजा अपराधियों के मन में डर पैदा करने के लिए एक मिसाल साबित होगी।

इस फैसले के बाद जिले में कानून के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है। सामाजिक संगठनों ने अदालत के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में ‘फास्ट ट्रैक’ सुनवाई और ऐसी कड़ी सजा ही समाज को सुरक्षित बना सकती है। फिलहाल, दोषी को जेल भेज दिया गया है, जहां उसे अपने किए की सजा काटनी होगी।

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