बसों की छत पर ‘सफेद हाथी’ बना लगेज: ओवरलोडिंग से अनियंत्रित हो रही बसें, परिवहन विभाग की सुस्ती पर उठे सवाल…NV News

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Raipur: छत्तीसगढ़ में यात्री बसों की छतों पर नियम विरुद्ध तरीके से सामान लादने का खेल धड़ल्ले से जारी है। बस ऑपरेटर अधिक मुनाफे के लालच में बसों की छतों को मालवाहक ट्रक में तब्दील कर रहे हैं। छतों पर भारी-भरकम बोरियां, लोहे का सामान और अन्य कमर्शियल लोडिंग की जा रही है, जो बस की निर्धारित ऊंचाई और वजन क्षमता से कहीं अधिक है। इस ओवरलोडिंग के कारण बसों का गुरुत्वाकर्षण केंद्र (Center of Gravity) बिगड़ जाता है, जिससे मोड़ पर या तेज रफ्तार में बस के पलटने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं, जबकि बसों के अंदर भी पैर रखने की जगह नहीं बचती।

चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ सड़क पर तैनात जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों के सामने हो रहा है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर खानापूर्ति के लिए कार्रवाई तो की जाती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। कई मामलों में तो यह भी देखा गया है कि बसों की छतों पर ज्वलनशील पदार्थ भी लाद दिए जाते हैं, जो गर्मी के मौसम में किसी बड़ी अग्नि दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि बस संचालकों और जिम्मेदारों के बीच साठगांठ के चलते ही इन ‘मौत के सामानों’ पर कोई ठोस रोक नहीं लगाई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगेज ओवरलोडिंग न केवल सड़क हादसों को आमंत्रण देती है, बल्कि इससे सड़कों की उम्र भी कम होती है और पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ता है। यात्री सुरक्षा को ताक पर रखकर किए जा रहे इस कारोबार के खिलाफ अब सख्त कदम उठाने की मांग उठ रही है। अगर परिवहन विभाग ने जल्द ही इन बसों की फिटनेस और लोडिंग क्षमता की सघन जांच नहीं की, तो प्रदेश को किसी बड़े हादसे का सामना करना पड़ सकता है। आम जनता अब मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से इस बेलगाम व्यवस्था पर लगाम कसने की उम्मीद कर रही है।

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