छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति का उदय: 8 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, अब ‘लखपति ग्राम’ बनाने की तैयारी…NV News
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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत छत्तीसगढ़ की 8 लाख से अधिक महिलाएं सालाना 1 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। इस सफलता से उत्साहित होकर सरकार अब ‘लखपति ग्राम’ की नई संकल्पना पर काम कर रही है।
क्या है ‘लखपति ग्राम’ की योजना?
सरकार का अगला लक्ष्य केवल व्यक्तिगत महिलाओं को लखपति बनाना नहीं, बल्कि पूरे गांव के आर्थिक ढांचे को बदलना है।
लखपति ग्राम पोर्टल: हाल ही में मुख्यमंत्री ने ‘लखपति दीदी ग्राम पोर्टल’ का शुभारंभ किया है।
घोषणा: जिस गांव की अधिकांश महिलाएं ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में आ जाएंगी, उस गांव को ‘लखपति ग्राम’ घोषित किया जाएगा।
उद्देश्य: गांव में सामूहिक उद्यमिता को बढ़ावा देना और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाना।
मुख्य उपलब्धियां और भविष्य के लक्ष्य:
10 लाख का लक्ष्य: प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ में कुल 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 80% लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
IIM रायपुर के साथ सहयोग: महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को पेशेवर प्रशिक्षण देने के लिए सरकार ने IIM रायपुर के साथ एमओयू (MoU) किया है।
इंक्यूबेशन सेंटर: महिलाओं के बिजनेस आइडिया को हकीकत में बदलने के लिए 10.70 करोड़ रुपये की लागत से इंक्यूबेशन परियोजना शुरू की गई है।
बकरी पालन क्लस्टर: महिला किसानों को बकरी पालन की वैल्यू चेन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए विशेष क्लस्टर और लाइवस्टॉक मार्केटिंग फेडरेशन की शुरुआत की गई है।
बिहान योजना का प्रभाव:
छत्तीसगढ़ में ‘बिहान’ (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) के माध्यम से लगभग 30.85 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ये महिलाएं अब चूल्हा-चौका से निकलकर अचार निर्माण, मशरूम खेती, फूलों की खेती और लघु उद्योगों के जरिए अपनी पहचान बना रही हैं।
