वीरता की कीमत: डोडा हादसे में 10 जवानों का सर्वोच्च बलिदान, सीएम विष्णु देव साय ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि…NV News

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रायपुर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया, जिसमें भारतीय सेना के 10 जांबाज जवान शहीद हो गए। यह हादसा भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय मार्ग पर स्थित ‘खन्नी टॉप’ के पास हुआ, जहां सेना का बुलेटप्रूफ वाहन करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शहीद जवानों को नमन किया है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा, “जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना के वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से हमारे 10 वीर जवानों की शहादत की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले इन वीर सपूतों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और उनके परिजनों को यह असीम दुख सहने की शक्ति दें।”

हादसे का घटनाक्रम और रेस्क्यू:

खराब मौसम और दुर्गम इलाका: सेना का वाहन ऊंचाई पर स्थित एक चौकी की ओर नियमित गश्त पर था। अत्यधिक ऊंचाई (करीब 9,000 फीट) और तीखे मोड़ों के साथ-साथ सड़क पर जमी ओस (Frost) और खराब मौसम को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

20 जवानों का दस्ता: वाहन में कुल 20 जवान सवार थे। हादसे के तुरंत बाद सेना और पुलिस ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 4 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 6 अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

एयरलिफ्ट और उपचार: घायल 10 जवानों को तत्काल एयरलिफ्ट कर उधमपुर के कमान अस्पताल (Command Hospital) भेजा गया है। इनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जांच के आदेश: भारतीय सेना के व्हाइट नाइट कोर (White Knight Corps) ने हादसे की विस्तृत जांच के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के आदेश दे दिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह तकनीकी खराबी थी या मानवीय चूक।

देश के अन्य प्रमुख नेताओं सहित जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना को सेना के लिए एक अपूर्णीय क्षति बताया है। पूरा देश आज अपने इन वीर नायकों की शहादत पर शोक संतप्त है।

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