रतनपुर महामाया मंदिर के ‘पवित्र कुंड’ में फिर पसरा सन्नाटा: 4 कछुओं की संदिग्ध मौत से हड़कंप, बदबूदार पानी और गंदगी बनी काल?…NV News

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बिलासपुर जिले के सुप्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल रतनपुर में स्थित सिद्ध शक्तिपीठ महामाया मंदिर परिसर से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। मंदिर के ऐतिहासिक और प्राचीन कुंड में शनिवार को चार कछुओं के शव संदिग्ध अवस्था में पानी की सतह पर तैरते पाए गए। कछुओं की इस तरह बार-बार हो रही मौत ने मंदिर प्रबंधन और जीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है।

क्या जहर बन रहा है कुंड का पानी?

स्थानीय नागरिकों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का आरोप है कि कुंड के जल की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित माने जा रहे हैं:

सड़ती पूजन सामग्री: श्रद्धालुओं द्वारा कुंड में फेंकी जाने वाली पूजन सामग्री, फूल और खाद्य पदार्थ पानी में सड़ रहे हैं, जिससे जल जहरीला हो रहा है।

ऑक्सीजन की कमी: पानी में जमा गंदगी और जलकुंभी के कारण जलीय जीवों के लिए जरूरी ऑक्सीजन का स्तर घट गया है।

बदबू और संक्रमण: मृत कछुओं के मिलने के बाद आसपास के क्षेत्र में भारी बदबू फैल गई है, जो किसी बड़े संक्रमण या महामारी का संकेत हो सकती है।

प्रशासनिक अनदेखी: पहले भी हो चुकी हैं मौतें

यह पहली बार नहीं है जब इस कुंड में कछुओं ने दम तोड़ा हो। पिछले कुछ महीनों में रह-रहकर कछुओं की मौत की खबरें आती रही हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कुंड के पानी की लैब टेस्टिंग या कछुओं के संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ये कछुए ‘संरक्षित श्रेणी’ में आते हैं और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

वन विभाग और पुलिस की जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही रतनपुर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। विभाग ने मृत कछुओं के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किसी बीमारी से हुई है या पानी में किसी तरह के विषाक्त तत्व मौजूद थे। मंदिर ट्रस्ट से भी इस संबंध में जवाब-तलब किया जा रहा है।

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