इंदौर में ‘जहरीले पानी’ का तांडव: भागीरथपुरा में मौतों का आंकड़ा 32 पहुंचा, अस्पताल में जिंदगी की जंग हार रही एक और महिला…NV News

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इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इन दिनों मातम के साये में है। दूषित पानी पीने से बीमार हुए लोगों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में, अस्पताल में इलाज करा रही एक और महिला ने दम तोड़ दिया, जिसके साथ ही इस त्रासदी में मरने वालों की कुल संख्या 32 तक पहुंच गई है। पिछले कई दिनों से क्षेत्र के सैकड़ों लोग उल्टी, दस्त और पेट दर्द की गंभीर शिकायतों के चलते अस्पतालों में भर्ती हैं। एक छोटे से इलाके में इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक महिला के परिजनों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले काफी समय से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा था। कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेयजल की पाइपलाइन ड्रेनेज लाइन के संपर्क में आ गई है, जिससे सीवरेज का पानी नलों तक पहुंच रहा है। प्रशासन ने अब जाकर प्रभावित क्षेत्र में पानी के सैंपल लिए हैं और जलापूर्ति बंद कर टैंकरों के जरिए पानी बांटना शुरू किया है, लेकिन तब तक 32 परिवारों के चिराग बुझ चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में मेडिकल कैंप लगा रखे हैं, जहाँ हर दिन दर्जनों नए मरीज पहुंच रहे हैं। गंभीर मरीजों को एमवाय अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में रेफर किया गया है। प्रारंभिक जांच में पानी में घातक बैक्टीरिया और संक्रमण की पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है, जिसके बाद नगर निगम के कुछ निचले स्तर के कर्मचारियों पर गाज गिरी है। हालांकि, स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है; उनका कहना है कि कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों पर क्यों, बड़े अधिकारियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं की जा रही?

भागीरथपुरा की यह घटना ‘स्वच्छ शहर’ इंदौर के चेहरे पर एक काला दाग बन गई है। एक तरफ शहर स्वच्छता में नंबर-1 रहने का दावा करता है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी जरूरत यानी शुद्ध पेयजल की कमी से लोग जान गंवा रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। वर्तमान में इलाके में दहशत का माहौल है और लोग पानी की एक-एक बूंद को लेकर आशंकित हैं।

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