आरंग का बदलेगा स्वरूप: मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल से धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों के विकास को मिली नई रफ़्तार; आस्था के केंद्रों का होगा कायाकल्प…NV News
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छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की सक्रियता से आरंग विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आस्था के केंद्रों के सर्वांगीण विकास के लिए मंत्री ने एक वृहद कार्ययोजना तैयार की है। उनके प्रयासों से अब इन केंद्रों के विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति के साथ-साथ नई गति प्राप्त हुई है।
आरंग, जिसे ‘मंदिरों की नगरी’ के रूप में जाना जाता है, यहाँ की ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता को देखते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब लगातार शासन स्तर पर पैरवी कर रहे थे। उनके प्रयासों के फलस्वरूप क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों, सांस्कृतिक भवनों और सामुदायिक केंद्रों के सौंदर्यीकरण के लिए भारी-भरकम राशि की स्वीकृति मिली है। इन विकास कार्यों में श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं, विश्राम गृह, पहुंच मार्ग और प्रकाश व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इस संबंध में कहा कि आरंग की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति और अटूट आस्था से है। हमारा लक्ष्य है कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलें, बल्कि नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सके। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और इन्हें तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मंत्री के इस प्रयास की सराहना की है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से आरंग के कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल उपेक्षित थे, लेकिन अब गुरु खुशवंत साहेब के नेतृत्व में इन स्थलों का कायाकल्प होने जा रहा है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इस विकास यात्रा के तहत केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी विशेष मंच तैयार किए जा रहे हैं। मंत्री साहेब स्वयं इन कार्यों की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं, ताकि आरंग विधानसभा क्षेत्र पूरे प्रदेश में विकास और संस्कृति के संगम का एक आदर्श उदाहरण बन सके।
विकास कार्यों के मुख्य बिंदु:
सौंदर्यीकरण: प्रमुख प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार।
बुनियादी सुविधाएं: श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शेड और सुगम रास्तों का निर्माण।
सांस्कृतिक भवन: सामाजिक कार्यक्रमों के लिए नए भवनों और सामुदायिक हॉलों की स्वीकृति।
धार्मिक पर्यटन: आरंग को एक प्रमुख टूरिस्ट सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना।
