नीतीश युग का ‘द एंड’? पटना में अमित शाह की मौजूदगी में नीतीश कुमार ने भरा राज्यसभा का पर्चा; अब बिहार को मिलेगा BJP का मुख्यमंत्री!…NV News

Share this

पटना/नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों से सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार ने आज आधिकारिक तौर पर दिल्ली का रुख कर लिया है। भारी सुरक्षा और सियासी हलचल के बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना में राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बने, जो विशेष रूप से इस ‘सत्ता परिवर्तन’ की प्रक्रिया को पूर्ण कराने दिल्ली से पटना पहुँचे थे। नीतीश कुमार के इस कदम ने बिहार में उनके 20 साल लंबे मुख्यमंत्री काल के समापन और भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन का रास्ता साफ कर दिया है।

“मेरा रिश्ता अटूट रहेगा”: नीतीश कुमार

नामांकन के बाद नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, “संसदीय जीवन की शुरुआत से ही मेरी इच्छा संसद के दोनों सदनों का सदस्य बनने की थी। आज राज्यसभा के लिए नामांकन भरकर मेरी यह इच्छा पूरी हो रही है। मैं बिहार की जनता को विश्वास दिलाता हूँ कि मेरा रिश्ता आपसे अटूट रहेगा। नई बनने वाली सरकार को मेरा पूरा मार्गदर्शन और सहयोग मिलता रहेगा।” सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने तक या फिर 9 अप्रैल (निवर्तमान सदस्यों के रिटायरमेंट) तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं।

अगला CM कौन? रेस में ये नाम सबसे आगे

नीतीश कुमार के इस्तीफे की संभावना के साथ ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का बाज़ार गर्म है। एनडीए (NDA) सूत्रों के अनुसार, इस बार बिहार को भाजपा का पहला मुख्यमंत्री मिलना तय माना जा रहा है। रेस में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है, जो वर्तमान में गृह विभाग भी संभाल रहे हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय को भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है। एक और चौंकाने वाली चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है, जिनके आज ही सक्रिय राजनीति में शामिल होने और नई कैबिनेट में उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है।

Share this

You may have missed