बस्तर का बदलता स्वरूप: बंदूक छोड़ मुख्यधारा में लौटे युवाओं ने विधानसभा में देखी लोकतंत्र की झलक, समझा जनहित का कामकाज…NV News
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रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से निकलकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए पुनर्वासित युवाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत नई जिंदगी शुरू कर रहे इन युवाओं ने छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर आयोजित इस दौरे का उद्देश्य इन युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया, कानून बनाने के तरीके और जनता की समस्याओं पर होने वाली चर्चाओं से रूबरू कराना था। विधानसभा की दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही देखना इनके लिए एक बिल्कुल नया और गौरवपूर्ण अनुभव था।
विधानसभा परिसर के भ्रमण के दौरान इन युवाओं ने सदन की मर्यादा और जनतांत्रिक प्रणाली को करीब से समझा। उन्होंने देखा कि कैसे जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उठाते हैं और सरकार उन पर नीतियां बनाती है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि ये युवा अब ‘भय’ के रास्ते को छोड़कर ‘भविष्य’ के रास्ते पर चल पड़े हैं। विधानसभा का दौरा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें यह महसूस कराने के लिए आयोजित किया गया कि वे भी इस महान लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं और देश के विकास में अपना योगदान दे सकते हैं।
पुनर्वासित युवाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताया। उन्होंने कहा कि पहले वे जिस रास्ते पर थे, वहाँ केवल विनाश था, लेकिन अब वे लोकतंत्र की ताकत को समझ रहे हैं। इस भ्रमण के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि संविधान के दायरे में रहकर ही समस्याओं का समाधान संभव है। सरकार की इस अनूठी पहल को बस्तर में शांति बहाली और युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है, जिससे अन्य भटकते युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।
