Teacher Promotion Controversy: शिक्षक पदोन्नति में बड़ा खेल, नियमों को ताक पर रखकर DPI ने जारी की लेक्चरर प्रमोशन लिस्ट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक पदोन्नति को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। स्कूल शिक्षा विभाग के संचालनालय (DPI) के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि नियमों को दरकिनार करते हुए नियमित शिक्षकों को छोड़कर केवल शिक्षक एलबी संवर्ग की डीपीसी कर लेक्चरर पद पर पदोन्नति सूची जारी कर दी गई है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पदोन्नति के लिए 2024 की वरिष्ठता सूची को नजरअंदाज कर 2023 की पुरानी वरिष्ठता सूची का उपयोग किया गया, जो सीधे तौर पर सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।

इस पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से उनके निवास पर मुलाकात कर संचालनालय के अधिकारियों द्वारा की गई कथित गड़बड़ियों की जानकारी दी।

 

नियमों के उल्लंघन का आरोप

संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी ने मंत्री को बताया कि राजपत्र एवं भर्ती-पदोन्नति नियमों के अनुसार ई संवर्ग और एलबी संवर्ग के शिक्षकों की डीपीसी एक साथ की जानी चाहिए, लेकिन DPI ने ई संवर्ग को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए केवल एलबी संवर्ग की डीपीसी कर दी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एलबी शिक्षकों की 2024 की वैध वरिष्ठता सूची होते हुए भी 2023 की सूची से पदोन्नति आदेश जारी किए गए, जो नियमों के विरुद्ध है।

 

जल्दबाजी में जारी हुई पदोन्नति सूची

संघ ने मंत्री को बताया कि शिक्षक संगठनों द्वारा अपनाए गए पदोन्नति मापदंडों का विरोध करते हुए DPI से रोक लगाने की मांग की गई थी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया, लेकिन उसी दिन महज एक घंटे के भीतर पदोन्नति सूची जारी कर दी गई, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।

संघ ने यह भी मांग की कि इतनी जल्दबाजी के पीछे किसकी मंशा थी, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।

 

कौन जारी करता है प्रमोशन ऑर्डर?

संघ ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि व्याख्याता पद का नियोक्ता और पदोन्नतिकर्ता संचालक (Director) होता है, जबकि एलबी शिक्षकों के प्रमोशन आदेश उपसंचालक स्तर के अधिकारी द्वारा जारी किए गए, जो नियमों के खिलाफ है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद, जहां मैनुअल प्रक्रिया पर रोक है, वहीं शिक्षा विभाग ने ई-ऑर्डर की बजाय मैनुअल तरीके से पदोन्नति प्रक्रिया पूरी की।

 

मंत्री ने पूछा – आप क्या चाहते हैं?

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने संघ के प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और पूछा कि उनकी मांग क्या है। इस पर संघ ने स्पष्ट किया कि

ई एवं एलबी संवर्ग की डीपीसी नियमों के अनुसार एक साथ कराई जाए

लंबित न्यायालयीन मामलों का शीघ्र निराकरण हो

डीएड डिग्रीधारी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के माध्यम से बीएड कराने की सुविधा दी जाए

मंत्री ने इस पर सचिव स्कूल शिक्षा को संयुक्त डीपीसी कराने के निर्देश दिए और ब्रिज कोर्स को लेकर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

इस प्रतिनिधि मंडल में संतोष विश्वकर्मा, नंद कुमार सिन्हा, प्रभात यादव, राजेश नायक सहित करीब 75 शिक्षक एवं प्रधान पाठक शामिल थे।

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