मैनपाट के टाइगर प्वाइंट में ‘तांडव’: भीषण आग में जलकर राख हुईं दर्जनों दुकानें, दुकानदारों का सब कुछ तबाह…NV News
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मैनपाट (सरगुजा): छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ कहे जाने वाले मैनपाट के प्रमुख पर्यटन केंद्र टाइगर प्वाइंट में शुक्रवार की देर रात आग ने भीषण तबाही मचाई। रात करीब 12 बजे अचानक लगी इस आग ने जलप्रपात के समीप स्थित लगभग एक दर्जन से अधिक झोपड़ीनुमा दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते गरीब दुकानदारों की मेहनत और रोजी-रोटी जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गई।
चश्मदीदों के अनुसार, जब आग लगी तब चारों ओर सन्नाटा था, लेकिन लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों और कुछ पर्यटकों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन झोपड़ियां सूखी घास और लकड़ियों से बनी होने के कारण आग पर काबू पाना असंभव हो गया। पहाड़ी इलाका होने के कारण दमकल की गाड़ियों को भी मौके पर पहुँचने में काफी समय लगा। गनीमत यह रही कि रात का समय होने के कारण दुकानों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
पीड़ित दुकानदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि पर्यटन सीजन होने के कारण उन्होंने दुकानों में भारी मात्रा में खाद्य सामग्री, हस्तशिल्प और अन्य सामान स्टॉक कर रखा था। इस अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या किसी जलती हुई चिंगारी को इसकी वजह माना जा रहा है। सरगुजा पुलिस और राजस्व विभाग की टीम शनिवार सुबह मौके पर पहुंचकर नुकसान का पंचनामा तैयार कर रही है।
मैनपाट का टाइगर प्वाइंट अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन सुरक्षा संसाधनों की कमी यहाँ हमेशा से एक मुद्दा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने पर्यटन स्थलों पर फायर ब्रिगेड की स्थायी तैनाती और प्रभावित दुकानदारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।
