Tamanar violence news: महिला आरक्षक से दरिंदगी में 2 आरोपी गिरफ्तार, पुलिसकर्मियों का जेल के बाहर हंगामा
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रायगढ़। रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प के दौरान महिला आरक्षक के साथ दरिंदगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब उन्हें जेल दाखिल कराने ले जाया जा रहा था, तब घटना से आक्रोशित महिला आरक्षकों ने जिला जेल के बाहर पुलिस वाहन को रोक दिया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई तथा जुलूस निकालने की मांग को लेकर हंगामा किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई और आरोपियों को जेल दाखिल किया गया।
दरअसल, रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में जेपीएल कंपनी को आवंटित कोल ब्लॉक के विरोध में 14 गांवों के ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। इसी क्रम में 27 दिसंबर को हजारों ग्रामीणों ने चक्काजाम किया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।
इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। हिंसा में जहां महिला थाना प्रभारी के साथ मारपीट की गई, वहीं कुछ उपद्रवियों ने एक महिला आरक्षक को दौड़ाकर खेत में घसीट लिया। आरोप है कि महिला आरक्षक के साथ दरिंदगी की गई, उसकी वर्दी फाड़ दी गई और उसे अर्धनग्न कर दिया गया। इस अमानवीय घटना के दौरान कुछ लोग महिला आरक्षक को बचाने के बजाय वीडियो बनाते नजर आए।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया और तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंगल राठिया उर्फ करम राठिया और चीनेश खम्हारी, दोनों निवासी आमगांव के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इधर, इस घटना को लेकर आंदोलन में शामिल ग्रामीणों ने प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया है कि महिला आरक्षक के साथ हुई घटना से 14 गांव के ग्रामीणों का कोई लेना-देना नहीं है। ग्रामीणों ने दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया तो आंदोलन और उग्र होगा।
वहीं कांग्रेस ने भी पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि निर्दोष ग्रामीणों पर कार्रवाई न की जाए। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि यदि निर्दोषों को फंसाया गया, तो पार्टी ग्रामीणों के साथ खड़ी रहेगी।
पुलिस के अनुसार, घटना के संबंध में अब तक 14 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और मामले की जांच जारी है।
