सरगुजा ओलंपिक: आदिवासी अंचल की प्रतिभाओं के लिए बनेगा ‘गेम चेंजर’, मंत्री रामविचार नेताम बोले- खेल प्रतिभाओं को मिल रहा सशक्त मंच…NV News

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अंबिकापुर/सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में खेल और खिलाड़ियों के उत्साह को नई ऊंचाई देने के लिए आयोजित हो रहे ‘सरगुजा ओलंपिक’ की सराहना चारों ओर हो रही है। प्रदेश के आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने इस आयोजन को आदिवासी अंचल की छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने वाला एक सशक्त मंच करार दिया है।

प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच

मंत्री श्री नेताम ने कहा कि सरगुजा संभाग के दूरस्थ ग्रामीण और वनांचलों में अद्भुत खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें अब तक सही अवसर और संसाधन नहीं मिल पा रहे थे। उन्होंने विश्वास जताया कि “सरगुजा ओलंपिक” के माध्यम से यहाँ के युवा खिलाड़ी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर न केवल प्रदेश, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।

पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा

श्री नेताम ने विशेष रूप से जोर दिया कि इस आयोजन में आधुनिक खेलों के साथ-साथ पारंपरिक खेलों को भी महत्व दिया जा रहा है। इससे हमारी सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित रहेगी और युवाओं का जुड़ाव अपनी जड़ों से बना रहेगा। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

सरगुजा ओलंपिक की विशेषताएं:

ग्राम स्तर से शुरुआत: इस खेल महाकुंभ में ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

संसाधनों की उपलब्धता: खिलाड़ियों के लिए बेहतर कोच और खेल सामग्री सुनिश्चित की जा रही है।

उत्साह का माहौल: संभाग के सभी जिलों (सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और जशपुर) के हजारों युवा इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं।

मंत्री श्री नेताम ने खेल प्रेमियों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें और इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाएं।

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