सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज बने रामायण रिसर्च काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष; मात्र 60 दिनों में संस्कृत सिखाने का ऐतिहासिक संकल्प…NV News
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सरगुजा/नई दिल्ली: सनातन संस्कृति और रामायण के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने में जुटी संस्था ‘रामायण रिसर्च काउंसिल’ ने छत्तीसगढ़ के सरगुजा से सांसद चिंतामणि महाराज को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। चिंतामणि महाराज की विद्वत्ता और धार्मिक कार्यों के प्रति उनके समर्पण को देखते हुए परिषद ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इस नियुक्ति के बाद प्रदेश के समर्थकों और धार्मिक संगठनों में खुशी की लहर है।
60 दिनों में संस्कृत सिखाने का मेगा प्लान
पदभार संभालते ही रामायण रिसर्च काउंसिल ने एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। परिषद का लक्ष्य अब देश के हर वर्ग को देवभाषा संस्कृत से जोड़ना है। इसके लिए एक विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से मात्र 60 दिनों के भीतर आम नागरिकों को संस्कृत भाषा का व्यावहारिक ज्ञान और उसे बोलने की कला सिखाई जाएगी। सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों की जननी है और इसे सरल बनाकर हर घर तक पहुँचाना उनका मुख्य उद्देश्य होगा।
रामायण अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा
सांसद चिंतामणि महाराज के नेतृत्व में काउंसिल अब रामायण से जुड़े ऐतिहासिक और आध्यात्मिक तथ्यों पर शोध (Research) को और तेज करेगी। इसके साथ ही देश-दुनिया में रामायण सर्किट और भगवान राम के जीवन मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। सरगुजा जैसे जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र से आने वाले प्रतिनिधि का राष्ट्रीय स्तर पर इस पद के लिए चयन होना छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव की बात मानी जा रही है।
