डॉक्टर से छूटा हाथ, तांत्रिकों ने लूटा आशियाना: संतान सुख की चाह में गंवाए ₹1.5 करोड़; वनकर्मी दंपति की घिनौनी करतूत…NV News

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NV News जगदलपुर, 1 जुलाई 2026। विज्ञान के इस युग में भी जब इंसान उम्मीद खो देता है, तो वह अंधविश्वास के ऐसे जाल में फंस जाता है जहां से निकलना नामुमकिन हो जाता है। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर से एक ऐसी ही झकझोर देने वाली दास्तां सामने आई है, जहां संतान सुख की तड़प और एक गहरे मानसिक आघात का फायदा उठाकर वन विभाग के एक कर्मचारी (वनकर्मी) और उसकी पत्नी ने पीड़ित दंपत्ति से पूरे डेढ़ करोड़ रुपये (₹1.5 करोड़) ठग लिए।

साल 2008 से शुरू हुई थी खुशियों की तलाश

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि बेहद दर्दनाक है। पीड़ित दंपत्ति ने साल 2008 में बड़े अरमानों के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी। शादी के बाद दोनों का सिर्फ एक ही सपना था कि उनके घर में भी बच्चे की किलकारी गूंजे। वक्त बीतता गया, लेकिन उन्हें संतान सुख नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने डॉक्टरों का रुख किया। कड़े चिकित्सकीय परीक्षणों के बाद डॉक्टरों ने बताया कि महिला पीसीओडी (PCOD) की समस्या से जूझ रही है, जिसका इलाज संभव है।

इलाज के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया जब महिला को गर्भ ठहरा। परिवार में खुशियों की उम्मीद जगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। छह महीने बाद वह गर्भ भी नहीं बच सका और मिसकैरेज (गर्भपात) हो गया। यह दुखद घटना इस दंपत्ति के लिए जीवन का सबसे बड़ा मानसिक आघात साबित हुई। इसी गहरे डिप्रेशन और सूनेपन का फायदा उठाने के लिए शातिर ठगों ने जाल बुना।

विज्ञान छूटा और शुरू हुआ तंत्र-मंत्र का खूनी खेल

बच्चे को खोने के गम में डूबा यह दंपत्ति पूरी तरह टूट चुका था। यहीं से उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया कि उनका भरोसा विज्ञान और डॉक्टरों से उठ गया और वे तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ और कथित चमत्कारों की दुनिया की तरफ खिंचे चले गए। इसी दौरान उनकी मुलाकात वन विभाग में पदस्थ एक कर्मचारी और उसकी पत्नी से हुई।

आरोपी वनकर्मी दंपति ने पीड़ित परिवार की इस कमजोरी को ताड़ लिया और दावा किया कि वे अपनी गुप्त तांत्रिक विद्या और विशेष अनुष्ठानों के जरिए उनकी गोद हरी कर देंगे। संकट टलने का डर दिखाकर और बार-बार गुप्त पूजा के नाम पर आरोपियों ने किश्तों में पीड़ित परिवार से ₹1.5 करोड़ की मोटी रकम ऐंठ ली। जब सालों बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला और पूरी जमा-पूंजी खत्म हो गई, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी वनकर्मी दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी और अंधविश्वास निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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