छत्तीसगढ़ में गाइडलाइन दरों पर ‘कहानी युद्ध’: बघेल-ओपी चौधरी में आरोप-प्रत्यारोप तेज
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छत्तीसगढ़ में जमीन की गाइडलाइन दरों में बदलाव को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इस मुद्दे पर अब “कहानी के जरिये हमला” राजनीति का नया हथियार बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक व्यंग्यात्मक कहानी लिखते हुए सरकार पर जनता से करोड़ों की लूट का आरोप लगाया। बघेल ने अपने रूपक में सरकार को “डकैतों का गिरोह” बताते हुए कहा कि सरकार पहले जनता से विशाल ‘लूट’ करती है और फिर कुछ हजार रुपये लौटाकर खुद को हितैषी बताने का नाटक करती है। उनकी इस पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी और सत्तारूढ़ दल पर सवालों की बौछार कर दी।

बघेल के इस कटाक्ष पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी कहानी के अंदाज़ में पलटवार किया। चौधरी ने अपनी पोस्ट में एक गांव और उसके मुखिया का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान खजाना खाली कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि वर्षों तक शासन करने वाले पुराने “मुखिया” ने सड़कों, अस्पतालों और जनकल्याण योजनाओं की दुर्दशा कर दी। जब सरकार बदली तो खजाने में “पत्थर ही बचे”। ऐसे में चौधरी ने तंज कसते हुए लिखा कि “जिन्होंने खजाना खाली किया, वही अब सबसे ज्यादा शोर मचा रहे हैं कि लूट हो गई।”

दोनों नेताओं की कहानियों के पीछे छिपा राजनीतिक संदेश साफ है। बघेल सरकार पर जनता के संसाधनों के शोषण का आरोप लगा रहे हैं, जबकि चौधरी पिछली सरकार को वित्तीय बदइंतजामी का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। गाइडलाइन दरों में बदलाव इसी विवाद का केंद्र बना हुआ है, जिसे लेकर विपक्ष सरकार को घेर रहा है और सरकार विपक्ष की कमियों को उजागर कर रही है।
सोशल मीडिया पर दोनों की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही हैं, समर्थक भी अपनी-अपनी तरफ से इन कथाओं को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और तीखा होगा, क्योंकि ‘कहानी बनाम कहानी’ की यह जंग छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई तल्खी जोड़ चुकी है।
