एक ही दिन में बना स्टॉप डैम: बिसौनी गांव में दिखी जल संरक्षण की अनोखी मिसाल
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अचानकमार अभ्यारण्य। सुदूर वनांचल क्षेत्र के वनग्राम बिसौनी ने रविवार को जल संरक्षण की एक अनोखी मिसाल पेश की। गर्मी के मौसम में हर साल जल संकट झेलने वाले इस गांव में ग्रामीणों ने केवल एक दिन में सामूहिक श्रमदान करते हुए स्टॉप डैम का निर्माण कर लिया। यह पूरा काम बिना किसी सरकारी लागत, महज जनसहयोग और सामाजिक पहल के दम पर संभव हुआ।
प्रयास A Small Step Foundation की टीम ने कुछ दिन पहले गांव के लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बरसाती नाले पर सामूहिक प्रयास से स्टॉप डैम बनाने का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव पर ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहमति जताई। महामाई पंचायत के सरपंच अमर धुर्वे ने भी इस कार्य को पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया।
रविवार सुबह बिसौनी गांव का दृश्य प्रेरणादायी था—
गांव के पुरुष, महिलाएँ, युवा और बच्चे फावड़ा, गैंती और धमेली लेकर सुबह 8 बजे ही नाले पर इकट्ठा हो गए। लगभग छह घंटे तक निरंतर चले श्रमदान से दोपहर 2 बजे तक अस्थायी स्टॉप डैम तैयार हो गया, जिससे आने वाले दिनों में जल संग्रहण और पेयजल की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
काम पूरा होने के बाद फाउंडेशन की टीम ने सभी ग्रामीण श्रमिकों को नमकीन और मिठाई का स्वल्पाहार कराकर सम्मानित किया।
टीम ने जल संरक्षण, वर्षा जल-संचयन, स्वच्छ जल उपयोग, पौधारोपण और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर ग्रामीणों को मार्गदर्शन भी दिया।
ग्रामीणों ने इस सामूहिक प्रयास पर भावुक होते हुए कहा—
“जल और प्रकृति बचाने की यह पहल न केवल हमें जागरूक करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद की नई रोशनी जगाती है।”
फाउंडेशन की टीम ने बताया कि उद्देश्य सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि जिम्मेदार सोच विकसित करना है।
टीम के अनुसार—
“छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े बदलाव लाते हैं… और बिसौनी इसका जीता-जागता प्रमाण है।”
वनग्राम बिसौनी में बना यह स्टॉप डैम साबित करता है कि जब समाज और संस्था साथ आएं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी सहजता से पूरा किया जा सकता है।

