दुर्ग में बड़ा साइबर फ्रॉड: ‘वर्क फ्रॉम होम’ के नाम पर महिला से 7.76 लाख की ठगी, टेलीग्राम टास्क के जाल में फंसाया…NV News
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दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर अपराधियों ने एक महिला को निवेश के नाम पर दोगुना मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगाई है। ठगों ने सोशल मीडिया पर ‘पार्ट-टाइम जॉब’ का आकर्षक विज्ञापन दिखाकर महिला को अपने जाल में फंसाया और धीरे-धीरे उससे 7.76 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब महिला ने अपना पैसा वापस मांगा, तो ठगों ने आईडी ब्लॉक कर दी, जिसके बाद पीड़िता ने दुर्ग साइबर सेल और थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा था जिसमें घर बैठे मोबाइल से काम करके हजारों रुपये कमाने का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करते ही उसे टेलीग्राम (Telegram) पर एक ग्रुप से जोड़ा गया। शुरुआत में ठगों ने महिला को कुछ आसान ‘टास्क’ दिए, जैसे वीडियो लाइक करना या रेटिंग देना, और विश्वास जीतने के लिए उसके खाते में 200-500 रुपये का ‘प्रॉफिट’ भी भेजा। इस छोटे मुनाफे के लालच में आकर महिला ठगों के झांसे में आ गई।
ठगी का तरीका (Modus Operandi):
प्रॉफिट का झांसा: ठगों ने महिला को बताया कि यदि वह बड़ी रकम निवेश करती है, तो उसे 50% से 100% तक का रिटर्न मिलेगा। इसके लिए उन्होंने एक फर्जी वेबसाइट पर महिला की आईडी बनाई, जहाँ उसे वर्चुअली अपना पैसा बढ़ता हुआ दिख रहा था।
टैक्स और पेनल्टी के नाम पर वसूली: जब महिला ने जमा किए हुए 7.76 लाख रुपये निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कहा कि विड्रॉल के लिए ‘सर्विस टैक्स’ और ‘जीएसटी’ भरना होगा।
आईडी ब्लॉक: और पैसों की मांग पूरी न होने पर ठगों ने महिला को ग्रुप से बाहर कर दिया और उसकी इन्वेस्टमेंट आईडी को ब्लॉक कर दिया।
क्रिप्टो और फर्जी खाते: शुरुआती जांच में पता चला है कि पैसे अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में भेजे गए हैं, जिन्हें ठगों ने रेंट पर लिया था।
दुर्ग पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की टीम उन बैंक खातों और टेलीग्राम आईडी को ट्रैक कर रही है जिनका उपयोग इस वारदात में किया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर आने वाले ‘लाइक और शेयर’ वाले जॉब ऑफर से सावधान रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक ‘टास्क बेस्ड फ्रॉड’ है जो वर्तमान में पूरे देश में तेजी से फैल रहा है। ठग पहले भरोसा जीतने के लिए छोटी रकम वापस करते हैं और फिर बड़ी रकम निवेश कराकर गायब हो जाते हैं। यदि आपके साथ भी ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
