Shikshakarmi scam: 19 साल बाद बड़ा एक्शन, 8 प्रधान पाठक बर्खास्त

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धमतरी। Dhamtari recruitment scam, साल 2007 में हुए शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाले में आखिरकार जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। लंबी जांच के बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले 8 प्रधान पाठकों को बर्खास्त कर दिया गया है। ये सभी शिक्षक वर्षों से शिक्षा विभाग में पदस्थ थे और पदोन्नति पाकर प्रधान पाठक के पद तक पहुंच गए थे।

19 साल बाद सामने आई सच्चाई

Dhamtari recruitment scam, जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड में वर्ष 2007 में हुई शिक्षाकर्मी भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कई अभ्यर्थियों ने फर्जी शैक्षणिक और जाति प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी प्राप्त की थी।

सरकारी वेतन लेते रहे फर्जी शिक्षक

Dhamtari recruitment scam, जांच रिपोर्ट के मुताबिक, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त ये शिक्षक करीब 19 वर्षों तक सरकारी सेवा में बने रहे। इस दौरान वे नियमित रूप से सरकारी वेतन लेते रहे और समय के साथ पदोन्नत होकर प्रधान पाठक के पद तक पहुंच गए।

जांच अभी जारी, 10 और शिक्षक रडार पर

Dhamtari recruitment scam, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अंतिम नहीं है। करीब 10 अन्य शिक्षक भी जांच के दायरे में हैं, जिन पर दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद जल्द ही कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन का सख्त संदेश

Dhamtari recruitment scam, इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि भविष्य में भी इस तरह की अनियमितताओं पर सख्त नजर रखी जाएगी।

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