मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान सरपंच की दबंगई, सहायक शिक्षक को चप्पल से पीटा; FIR दर्ज
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जांजगीर-चांपा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दौरान बीएलओ की ड्यूटी निभा रहे एक सहायक शिक्षक के साथ सरपंच द्वारा गाली-गलौज और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना बलौदा थाना क्षेत्र की है, जहां ग्राम गतवा के सरपंच रोहित कुमार कश्यप ने शिक्षक को चप्पल से पीट दिया। पीड़ित शिक्षक ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सरपंच के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
शिकायत के अनुसार, सहायक शिक्षक सुरेश कुमार निषाद, जो वर्ष 2008-09 से BLO कार्य कर रहे हैं, 25 नवंबर 2025 को ग्राम गतवा में मतदाताओं से फार्म जमा करा रहे थे। इसी दौरान सरपंच मौके पर पहुंचा और शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए गाली-गलौज करने लगा। आरोप है कि सरपंच ने शिक्षक को चप्पल से पीटा, जिससे शिक्षक मानसिक रूप से आहत हुए।
शिक्षक ने पुलिस को बताया कि सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के कारण वह अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सरपंच के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और SIR के दौरान सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई:-
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सरपंच रोहित कश्यप के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट व अभद्र व्यवहार के आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 221, 132 व 121(1) के तहत अपराध दर्ज किया है।
भिलाई में भी हमला – ईंट से वार:-
भिलाई के खुर्सीपार में भी बीएलओ ड्यूटी कर रहे शिक्षक रूपेश जोशी पर एक मतदाता ने गाली-गलौज करते हुए ईंट से हमला कर दिया। संकुल समन्वयक होने के बावजूद उन पर हुए हमले से शिक्षक वर्ग में भारी नाराजगी है।
फेडरेशन की कड़ी प्रतिक्रिया:-
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने इन घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि— “शिक्षक समाज का निर्माण करते हैं, उन पर हमला असहनीय है। सरकार शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, अन्यथा राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।”
फेडरेशन की प्रमुख मांगें:
- शिक्षकों को BLO, सर्वे, जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतः मुक्त किया जाए।
- सभी सरकारी शिक्षकों को सिक्योरिटी कवर और बीमा सुविधा दी जाए।
- शिक्षक रूपेश जोशी पर हमले के दोषियों पर तुरंत कठोर कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु सुरक्षा संबंधी स्पष्ट गाइडलाइन जारी की जाए।
