साय कैबिनेट की महाबैठक: किसानों को मिल सकती है बड़ी सौगात, पुलिस कमिश्नर प्रणाली और बजट सत्र पर भी होगी चर्चा…NV News
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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की अहम बैठक शुरू हो गई है। धान खरीदी की अंतिम तिथि (31 जनवरी) के करीब होने और आगामी बजट सत्र की तैयारियों के मद्देनजर इस बैठक को बेहद खास माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार आज किसानों के हित में कुछ ऐतिहासिक निर्णय ले सकती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में 25 लाख से अधिक किसानों के लिए ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत अंतर की राशि या प्रोत्साहन राशि के भुगतान को लेकर बड़ी घोषणा हो सकती है। चूंकि धान खरीदी अपने चरम पर है, इसलिए टोकन वितरण और बारदाने की व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली (Police Commissioner System) के नए ड्राफ्ट को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की प्रबल संभावना है।
बैठक के संभावित प्रमुख एजेंडे (Points में):
किसानों को सौगात: धान खरीदी की लिमिट और भुगतान की प्रक्रिया को और सरल बनाने पर निर्णय संभव है। अंतर की राशि का समय पर भुगतान सरकार की प्राथमिकता है।
पुलिस कमिश्नरेट: रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नर सिस्टम के लागू होने की औपचारिक घोषणा हो सकती है।
बजट सत्र 2026: आगामी विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों और राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप पर चर्चा की जा रही है।
भर्ती और पदोन्नति: विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने और युवाओं को रोजगार देने के प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है।
प्रशासनिक सुधार: ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के तहत कुछ और विभागों के विलय या पुनर्गठन पर मुहर लग सकती है।
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव: राज्य में होने वाले आगामी चुनावों की तैयारियों और आरक्षण संबंधी विषयों पर भी मंत्रिपरिषद विचार-विमर्श कर सकती है।
मुख्यमंत्री साय ने पहले ही संकेत दिए थे कि उनकी सरकार ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। आज की बैठक के फैसले सीधे तौर पर आम जनता और अन्नदाताओं को राहत पहुँचाने वाले होंगे। बैठक समाप्त होने के बाद शाम तक कैबिनेट के आधिकारिक निर्णयों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। पूरे प्रदेश की नजरें अब मंत्रालय से निकलने वाले ‘गुड न्यूज़’ पर टिकी हुई हैं।
