साय कैबिनेट के बड़े फैसले: रायपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम को हरी झंडी, किसानों को ‘कृषक उन्नति योजना’ की सौगात और बजट सत्र पर मुहर…

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मंत्रिपरिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, कानून व्यवस्था और किसानों के कल्याण से जुड़े कई दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने ‘मोदी की गारंटी’ को अमलीजामा पहनाते हुए प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए धनवर्षा के द्वार खोल दिए हैं, वहीं राजधानी रायपुर की सुरक्षा को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए पुलिसिंग व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है।

इस कैबिनेट बैठक का सबसे प्रमुख आकर्षण रायपुर में ‘पुलिस कमिश्नर प्रणाली’ को लागू करने की सैद्धांतिक मंजूरी देना रहा। लंबे समय से प्रतीक्षित इस मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसके लागू होने से पुलिस के पास मजिस्ट्रियल शक्तियां होंगी, जिससे कानून व्यवस्था बनाए रखने में त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे। यह छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

किसानों के लिए साय कैबिनेट ने खुशियों का पिटारा खोल दिया है। ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत धान की अंतर राशि (बोनस) के भुगतान के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही, धान खरीदी की समय सीमा जो 31 जनवरी को समाप्त हो रही है, उसकी समीक्षा की गई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि अंतिम टोकन तक हर किसान का धान खरीदा जाए। इस निर्णय से राज्य के 25 लाख से अधिक किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, जो अपनी उपज का सही मूल्य पाने का इंतजार कर रहे थे।

बैठक में आगामी विधानसभा बजट सत्र 2026 की रूपरेखा भी तय की गई। कैबिनेट ने राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप और बजट प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। यह बजट सत्र राज्य के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश का गवाह बनेगा। साथ ही, युवाओं के लिए विभिन्न विभागों में रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं को तेज करने और नई नौकरियों के सृजन के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं में नई उम्मीद जगी है।

अंत में, मंत्रिपरिषद ने राज्य की अधोसंरचना और प्रशासनिक सुधारों को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। बस्तर और सरगुजा संभाग में विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए विशेष फंड आवंटन की बात कही गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक के बाद कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य ‘अंत्योदय’ है और आज के निर्णय इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं। शाम तक सभी विभागों को इन निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत अधिसूचना जारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

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