धान खरीदी पर कर्मचारियों की हड़ताल के बीच कृषि मंत्री का बड़ा बयान — “किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा”
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राज्यभर में धान खरीदी केंद्रों के कर्मचारियों की हड़ताल जारी है, लेकिन इसी बीच कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी।
मंत्री ने कहा कि पात्र किसानों से हर हाल में धान खरीदी की जाएगी और सरकार अपने दायित्व से पीछे नहीं हटेगी।
“हम किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे।
जो जरूरी होगा, वो किया जाएगा ताकि किसानों को नुकसान न हो।”
— राम विचार नेताम, कृषि मंत्री
सरकार ने अपनाई वैकल्पिक व्यवस्था — “धान खरीदी नहीं रुकेगी”
मंत्री नेताम ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर सभी जिलों में वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन, सहकारी समितियों और अन्य सरकारी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि हड़ताल के बावजूद खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रखी जाए।
“हम धान खरीदी का काम रुकने नहीं देंगे।
किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए — यही हमारी प्राथमिकता है।”— मंत्री नेताम
“सरकार किसानों के साथ है” — संवाद की कोशिशें जारी:-
कृषि मंत्री ने बताया कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों को मनाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन वे अब तक मानने को तैयार नहीं हैं।
फिर भी, सरकार किसानों की भलाई के लिए हर संभव विकल्प पर विचार कर रही है ताकि खरीदी प्रभावित न हो।
“हमने कर्मचारियों से कई बार संवाद किया, लेकिन वे निर्णय के मूड में नहीं हैं।
सरकार किसानों के हित में जो भी जरूरी होगा, वो करेगी।”— नेताम
बिचौलियों और कोचियों पर सख्त निगरानी — “सिर्फ पात्र किसानों से खरीदी”:-
मंत्री नेताम ने खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिचौलियों और कोचियों के धान की खरीदी किसी भी स्थिति में नहीं की जाएगी।
जो लोग प्रणाली का दुरुपयोग करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
“हम सिर्फ पात्र किसानों का धान खरीदेंगे।
किसी भी बिचौलिए या कोची को लाभ नहीं उठाने दिया जाएगा।”— कृषि मंत्री
