Republic Day 2026: चार दशक का अंधेरा छंटा के 40 गांवों में पहली बार शान से लहराया तिरंगा…NV News

Share this

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से गणतंत्र दिवस 2026 पर एक गौरवशाली तस्वीर सामने आई है। लगभग 40 साल के लंबे अंतराल और माओवादी आतंक के साये के बाद, बस्तर के 40 से अधिक अति-संवेदनशील गांवों में पहली बार अधिकारिक तौर पर राष्ट्र ध्वज फहराया गया। यह केवल एक ध्वजारोहण नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों में माओवाद की जड़ें कमजोर होने और भारतीय लोकतंत्र की बहाली का सबसे बड़ा प्रमाण है।

चार दशक बाद ग्रामीणों ने मनाया आजादी का पर्व

इन गांवों में रहने वाली पीढ़ियों ने कभी अपनी जमीन पर तिरंगा लहराते नहीं देखा था। माओवादी विचारधारा के दबाव में यहाँ राष्ट्रीय पर्वों पर पाबंदी थी। लेकिन इस साल, सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित होने और ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) जैसी सरकारी योजनाओं की पहुंच के बाद, ग्रामीणों ने भारी उत्साह के साथ भारत माता के जयकारे लगाए। बच्चों और बुजुर्गों की आंखों में तिरंगे के प्रति गर्व साफ दिखाई दे रहा था।

‘सुरक्षा, विश्वास और विकास’ का असर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘एंटी-नक्सल’ अभियानों का यह सुखद परिणाम है। बस्तर के कोर इलाकों में नए सुरक्षा कैंप (Pob) खुलने से नक्सलियों का सूचना तंत्र ध्वस्त हुआ है। इन गांवों में तिरंगा फहराने के साथ ही अब बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी पहुंचने लगी हैं, जिससे ग्रामीणों का सरकार पर विश्वास बढ़ा है।

अबूझमाड़ और अंदरूनी क्षेत्रों में ऐतिहासिक पल

विशेष रूप से अबूझमाड़ के उन इलाकों में तिरंगा फहराया गया, जिन्हें कभी ‘नो गो जोन’ माना जाता था। जवानों और ग्रामीणों ने मिलकर स्कूल भवनों और ग्राम पंचायतों में ध्वजारोहण किया। सुरक्षा बलों के कड़े पहरे और ड्रोन कैमरों की निगरानी के बीच आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया है कि अब बस्तर की दिशा और दशा बदल रही है।

नक्सलवाद के अंत की शुरुआत

रक्षा विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन का मानना है कि 40 गांवों में पहली बार ध्वजारोहण होना माओवाद के खात्मे की दिशा में एक ‘टर्निंग पॉइंट’ है। जहाँ कभी गोलियों की गूंज होती थी, वहाँ अब राष्ट्रगान सुना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में बस्तर का एक भी कोना ऐसा न बचे, जहाँ तिरंगे की जगह किसी और विचारधारा का वर्चस्व हो।

Share this

You may have missed