Religious Conversion – आंबेडकर अस्पताल में मतांतरण का खेल; स्वास्थ्य सुविधाओं का लालच देकर धर्म परिवर्तन का प्रयास, हिंदू संगठनों का भारी हंगामा…NV News

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NV News – रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, मेकाहारा (आंबेडकर अस्पताल) में मतांतरण के प्रयास का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार को अस्पताल परिसर में कुछ लोगों द्वारा मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और बीमारी ठीक करने का झांसा देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का आरोप लगा है। इस गतिविधि की भनक लगते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को आंबेडकर अस्पताल के वार्डों में कुछ बाहरी संदिग्ध व्यक्ति घूम रहे थे। वे गंभीर रूप से बीमार मरीजों और उनके लाचार परिजनों को निशाना बना रहे थे। आरोप है कि ये लोग परिजनों को यह कहकर बरगला रहे थे कि यदि वे अपना धर्म बदल लेते हैं और विशेष प्रार्थना में विश्वास रखते हैं, तो उनकी बीमारियां बिना किसी इलाज के ठीक हो जाएंगी। इसके साथ ही उन्हें ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित संस्थानों में मुफ्त इलाज और अन्य आर्थिक सहायता का प्रलोभन भी दिया जा रहा था। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की गतिविधि से मरीज और उनके परिजन भी सकते में आ गए।

जैसे ही इस ‘मतांतरण के खेल’ की सूचना हिंदू संगठनों को मिली, उनके कार्यकर्ता आक्रोशित होकर अस्पताल परिसर में जुट गए। उन्होंने संदिग्धों को घेर लिया और मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की नाक के नीचे लंबे समय से यह खेल चल रहा है, जहाँ गरीब और अशिक्षित मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है। अस्पताल परिसर में काफी देर तक नारेबाजी और गहमागहमी की स्थिति बनी रही, जिससे अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलते ही मौदहापारा थाना पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और हिंदू संगठनों की शिकायत पर कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह कोई संगठित गिरोह है जो सरकारी अस्पतालों को अपना केंद्र बना रहा है। पुलिस ने संदिग्धों के पास से कुछ धार्मिक साहित्य और अन्य सामग्री भी बरामद की है, जिसकी जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद आंबेडकर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन वे अब वार्डों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर सख्ती बरतेंगे। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम’ के तहत कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल अस्पताल परिसर में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और जांच जारी है।

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